चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दें : हाईकोर्ट


रिपोर्ट : एडवोकेट विनीत दूबे


प्रयागराज, (उ0प्र0) : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 2015 में ग्राम पंचायत अधिकारी पद के लिए विज्ञापन निकाले थे। जिसमें चयनित अभ्यर्थियों द्वारा ज्वाइन ना करने पर पद रिक्त ही रह गए। पद आरक्षित कोटे के हैं, इसीलिए उन्हें अन्य अभ्यर्थियों द्वारा नहीं भरा जा सकता है। याची समरजीत सिंह व 21 अन्य याचियों ने कोर्ट से निदेशक, पंचायती राज के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। याची का कहना है कि रिक्त पद प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों द्वारा भरे जाएं। सेवा चयन आयोग के अधिवक्ता सौरभ त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि आयोग द्वारा प्रतीक्षा सूची 9 जनवरी 2020 को ही तैयार कर ली गई है। सूची उत्तर प्रदेश पंचायत सेवक सर्विस रूल 1978  के नियमानुसार तैयार की गई है और सूची में केवल याची संख्या 2, 8, 10 क्रमशः अनारक्षित श्रेणी में संख्या क्रम-158 पर, ओबीसी श्रेणी में 101 पर और एससी श्रेणी में 124 पर हैं। आयोग के अधिवक्ता का पक्ष सुनने के बाद न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की एकलपीठ ने निदेशक, पंचायती राज को निर्देश दिया कि चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र से शीघ्र नियुक्ति दी जाए और शेष याचियों की याचिका खारिज कर दी गई, साथ ही इस आदेश की प्रतिलिपि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व निदेशक, पंचायती राज को 48 घंटों के अंदर उपलब्ध कराने के लिए कहा है।


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