भांजी से हुई छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराने पर पत्रकार पर छह स्कूटी सवार बदमाशों द्वारा सिर में मारी गयी गोली, इलाज के दौरान हुई मौत


रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया


दिल्ली : विजयनगर थाना क्षेत्र माता कॉलोनी में सोमवार देर रात पत्रकार विक्रम जोशी का छह स्कूटी सवार बदमाश घेराव करते हुए सिर में गोली मारकर मौके से फरार हो गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल इलाज के लिए भर्ती करवाया गया, जहां इलाज दौरान आज पत्रकार विक्रम जोशी जिंदगी की जंग हार गए। बता दे पत्रकार द्वारा अपनी भांजी के साथ के साथ हुई छेड़खानी को लेकर थाने में शिकायत दर्ज करवाने को लेकर गुस्साए बदमाशों ने पत्रकार विक्रम जोशी पर गोली चला दी। वारदात वाली जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरों में बदमाशो द्वारा विक्रम को बाइक से गिराने के बाद मारपीट करके एक तरफ ले जाने के बाद सिर मे गोली मारने की लाइव घटना कैमरे में कैद हो गई है। उस समय पत्रकार के साथ उसकी दोनों बेटियां थी। घटना के दो घंटे बाद ही पुलिस ने मुख्य-आरोपी रवि निवासी माता कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों में छोटू साकिब, आकाश उर्फ लुल्ली चरण सिंह कॉलोनी, मोहित देवव्रत कॉलोनी दलवीर, जोगिंद्र दोनों विजयनगर से हैं, अभिषेक थाना साहिबाबाद मोटा माता कॉलोनी से है, आकाश बिहारी नाम का एक आरोपी अभी फरार है।


छेड़छाड़ मामले को लेकर समय रहते कार्यवाही ना करने पर चौकी इंचार्ज राघवेंद्र सिंह को एसएसपी द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही पुलिस की लापरवाही को मद्देनजर रखते हुए सीओ को प्रथम विभागीय जांच सौंपी गई है। समझ नहीं आता, इस देश के अंदर आखिर जान-गंवाने के बाद ही कार्यवाही को अंजाम क्यो दिया जाता है ? क्राइम बढ़ने का मुख्य कारण हमारी कानूनी लचर व्यवस्था नहीं तो और कौन ? हर हर समय समाज को आईना दिखाने वाले पत्रकार के साथ कानून द्वारा इस तरह खिलवाड़ किया जाता है तो आमजन की सुनवाई कितनी जल्दी होती है, इसका अंदाजा आप खुद-ब-खुद लगा सकते हैं। पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करवाने पर पुलिस द्वारा यह दर्शाना मानो उसने कितना बड़ा गुनाह कर दिया हो, इसलिए बदमाशों के इलावा उसे पुलिस प्रताड़ना के दोहरे मापदंड का भोगी बनने से अच्छा वह क्राइम को बर्दाश्त करना ही ज्यादा बेहतर समझता है।


Comments