Mirzapur : कोरोना ने शिवाला महन्थ मुहल्ले में दिखाई महन्थई


चुनारगढ़ में फहराया झंडा


RT-PCR मशीन यह नहीं बताती कि पुराना टाइप-2 कोरोना है या नया कोविड-2019


गुरुवार को 36 के साथ 63 का बनाया रिश्ता


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ०प्र०) : बेखौफ हुए कोरोना ने नगर के शिवाला महंथ मुहल्ले में अपनी महन्थई दो घरों पर दिखा दी जबकि चुनारगढ़ को भी अपना गढ़ बनाकर एक महिला डॉक्टर को चपेट में ले लिया। गुरुवार को वह ज्यादातर ग्रामीण हिस्सों में दबदबा दिखाते हुए रहा।


वैसे तो लिस्टिंग 134 की हुई है लेकिन बुधवार के 98 जेलबंदियों को अलग कर दिया जाए तो गुरुवार, 30 जुलाई को 36 के साथ 63 का संबंध बनाने में सफल रहा।


नगर के शिवाला महन्थ मुहल्ले में एक परिवार में पति-पत्नी के साथ उनके 18 एवं 14 साल के पुत्रों पर नजर टेढ़ी कर दी जबकि यहीं एक कालीन व्यवसाई एवं उनकी पत्नी को अपने ताना-बाना में बुन लिया।


चुनार में 40 वर्षीया महिला डॉक्टर के साथ मोचीटोला में 24, 25, 25, 40, 58 साल पांच लोगों, सद्दुपुर गोहाना में 13 साल के बच्चे को, लोअर लाइन में 31 साल के युवक को शिकार बनाया। नगर के घण्टाघर में एक महिला, दुर्गादेवी में एक महिला को शिकार बनाया। घण्टाघर में पूर्व में इस परिवार का एक सदस्य चपेट में आ चुका हैं। इसी तरह विन्ध्याचल में 51 साल एवं नीबी में 33 साल के युवक को शिकंजे में लिया। कछवा के चकिया, निगतपुर का 32 साल का युवक चपेट में आया है।


क्यों आ रहे हैं संक्रमित ज्यादे - कोरोना में नावेल कोरोना (कोविड-2019) तो नई बीमारी बताई जा रही है जबकि टाइप-2 कोरोना पहले भी रहा है। खांसी, सर्दी, जुकाम से पीड़ित बहुतेरे तो इलाज भी नहीं करते थे और तीन-चार दिनों में स्वस्थ हो जाते रहे।


टेस्ट में फर्क नहीं हो पा रहा - कोविड-2019 की जो जांच RT-PCR मशीन से हो रही हैं उसमें कोरोना पॉजीटिव-निगेटिव दो ही विकल्प है। डॉक्टरों के अनुसार यह नहीं स्पष्ट होता है कि टाइप-2 कोरोना है, जो इंटरमीडिएट की कक्षा में बायोलॉजी की पुस्तक में ही है, वह कोरोना है या कोविड-2019 । इसलिए यह फर्क नहीं हो पा रहा है।


लोग घबरा जा रहे हैं - ऐसी स्थिति में जिनके घर पॉजीटिव की रिपोर्ट आ रही है, वे घबरा जा रहे हैं। खासकर छोटे बच्चों को लेकर। बच्चे माता-पिता की बेचैनी से घबरा रहे हैं।


हिम्मत न हारिए - विशेषज्ञों का कहना है कि जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं है, उन्हें  बिल्कुल घबराना नहीं चाहिए। घबराहट से इम्यून सिस्टम खराब होता है।


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