उत्पादन कटौती के कारण कच्चे तेल के कीमतों में वृद्धि


मुंबई : ओपेक और रूस की ओर से अगले कुछ महीनों में आक्रामक उत्पादन कटौती जारी रखने के संकेत दिए हैं और यह रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें 3.87 प्रतिशत बढ़कर 36.8 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुई। कई स्थानों पर कारखानों और उत्पादन इकाइयों के फिर से खुलने के साथ हवाई और सड़क यातायात में फिर से वृद्धि, बढ़ती कीमतों के कारण हुई। एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के नॉन-एग्री कमोडिटीज एंड करेंसीज के चीफ एनालिस्ट श्री प्रथमेश माल्या ने बताया के हालांकि, दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते तनाव ने महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को रद्द करने को लेकर चिंताएं जारी हैं। यदि यह डील रद्द होती है तो कच्चे तेल की मांग कम हो जाएगी।


स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.74 प्रतिशत घटकर 1727.0 डॉलर पर बंद हुई क्योंकि कई कारोबारों में जोखिम वाली परिसंपत्तियों की मांग बढ़ने का असर पीली धातु की कीमत घटने के तौर पर हुआ। सोने की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि कई देशों ने लॉकडाउन उपायों को हटाया और तेजी से आर्थिक सुधार के लिए योजनाएं शुरू कीं।


स्पॉट सिल्वर की कीमतें 0.99 फीसदी की गिरावट के साथ 18.1 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुईं। एमसीएक्स पर कीमतें 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर 49,080 रुपए प्रति किलो पर बंद हुईं।


मंगलवार को लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) पर बेस मेटल की कीमतें चीन में औद्योगिक गतिविधियों के फिर से शुरू होने के कारण पॉजीटिव बंद हुई। हालांकि, हेज फंड अब भी औद्योगिक धातुओं में लॉन्ग पोजिशन लेने से बच रहे हैं। इस फेक्टर ने बाजारों को सतर्क कर रखा है। अमेरिका-चीन तनाव जारी है क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने महामारी के लिए चीन को दोषी ठहराया है। रिपोर्टों के अनुसार चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों की सभी बड़े पैमाने पर खरीद रोक दी है। परिणामस्वरूप कड़े व्यापारिक युद्ध की वजह से बेसिक मेटल्स की कीमतों में वृद्धि सीमित रह सकती है।


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