Mumbai : प्रशासन की छत्र-छाया मे फल फूल रहा है भंगार की आड़ में काला कारोबर


आगज़नी के बाद, खाना पूर्ति के लिये नींद से जागता है प्रशासन


मुंबई : उपनगर मानखुर्द मंडाला राहीवासिय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मंडाला स्क्रैप के भीतर कई सैकडों की संख्या में भंगार के अलग अलग वस्तुओं के गोदाम है। उन गोदामों में मंडाला राहीवासिय क्षेत्र में हज़ारों की संख्या में स्थानिक से लेकर उत्तर भारतीय काम करते है। दूसरे शब्दों में झोपट्टियो में रहने वाली जनता पुरुष से लेकर महिलाओं की जीविका उपार्जन का एकमात्र साधन मंडाला स्क्रैप है। पुरुष और महिलाओं का कार्य अधिकतर भंगार सहित काचरे में से प्लास्टिक, कांच, लोहा छाँटिनी करने का कार्य करते है और शाम को रोजाना की मजदूरी लेकर अपने घर को चल पड़ते है। उल्लेखनीय तौर पर कहा जाता है कि जब पूर्व ट्रॉम्बे कांग्रेसी विधायक सैयद सुहैल अशरफ जो खुद भंगार के कारोबार से जुड़े थे, कुर्ला एलबीएस मार्ग आगरा रोड पर, वहां के अधिकतर भंगार व्यवसाईयों को कुर्ला से मानखुर्द लाकर बसाने का श्रेय जाता है।



कुर्ला के व्यापारियों ने यहां आकर खाड़ी में मिट्टी की भरनी कर के एक के बाद एक लंबे लंबे गोडाउन बनाना शुरू किया। जिनकी लंबाई तकरीबन 100/200, 200/300 फुट के गोदामों का निर्माण कर लोहे, प्लास्टिक, लकडी, चैनल का भंगार, साबुन फैक्ट्री, काले तेल का कारोबार सहित कई अनगिनत कारोबार सरकारी नियमों को अनदेखा कर सरकारी विभाग के विभिन्न संबंधित विभागों के जरूरी लाइसेंसों के बगैर संचालित होते चले आ रहे है, पिछले 12 वर्षों से। परिणाम स्वरुप बिल्डिंग, गोदाम का ऑडिट न हो पाने के चलते 4 मर्तबा मंडाला स्क्रैप में भीषण अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी है। सभी मर्तबा मुंबई कलेक्टर कार्यालय की और से अग्निकांड के बाद माल के नुकसान सहित अन्य बातों को लेकर प्रशासन सिर्फ खाना पूर्ति करने के लिये नींद से जागता है।फिर जैसे का तैसे स्क्रैप में काले कारोबार बगैर जीएसटी बिल ,सहित अन्य टैक्सओ के बगैर संचालन बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है।



कहा जाता है कि इस भ्रस्टाचार की गंगा में मंडाला स्क्रैप के भंगार व्यवसाईयों को प्रशासनिक महकमे के विभिन्न सरकारी विभागों में बैठे भ्रस्ट अधिकारियों का एक मोटी हफ्ते की रकम के एवज में वर्धहस्त प्राप्त रहता है ।बताया जाता है कि इसमे मनपा प्रशासन, एमएमआरडीए,पुलिस प्रशासन सब मिलकर इनका सहयोग करते है ।कहा जाता है कि एम पूर्व विभाग में जब से सहायक आयुक्त सुधांशू द्विवेदी म हाथों में बागडोर आई है तब से मंडाला स्क्रैप के कला कारोबार करने वाले भंगार व्यवपरियों की बांचे खिल गई है । क्या है नागरिक सुविधा का आभाव मंडाला स्क्रैप में -एमएमआरडीए के आधीन स्क्रैप में जर्जर खस्ता हाल सड़के,स्वछता का आभाव,चारों और फैली गंदगी मंडाला स्क्रैप की पहचान बन चुकी है ।शौचालय का आभाव,स्क्रैप राहीवासिय क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण अग्निकांड की सूरत में जनता की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है ।स्वच्छ पेय जल व्यवस्था ,क्या एमएमआरडीए प्रशासन क्षेत्री जनता को नागरिक सुविधा उपलब्ध करवायेगा ,ऐसा सवाल क्षेत्र के व्यापारियों में घर कर गया है ।वही हमेशा लगने वाली आग से क्या मांडला स्क्रैप मुक्त हो पायेगा ,गोदाम का ऑडिट का कार्य शुरू कर के प्रशासन ।


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