Mumbai : ढाई महीने के बाद 8 जून को खुल गया लॉक, सड़कों पर चल रही है बेस्ट, नियम शर्ते लागू


रिपोर्ट : शकील शेख


मुंबई : कोरोना वायरस (covid19) चीन से निकला और पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया कोरोना वायरस समस्त संसार के ऊपर मौत का तांडव करने लगा ,उक्त वैश्विक महामारी एवं भयंकर जान लेवा बीमारी के कारण पूरा विश्व त्रस्त है और दुनिया के सभी देशों ने कोरोना वायरस बीमारी से बचने के लिए और अपने देश को बचाने के लिए लॉक डाउन कर लिया । बीमारी से बचने और लोगों को मृत्यु से बचाने का मात्र एक यही एक विकल्प था, जो पूरी दुनिया ने अपनाया और कारगर साबित हो रहा है


भारत में यह लॉक डाउन की प्रक्रिया 24 मार्च के मध्य रात्रि को लागू किया गया। भारत भी कोरोना वायरस से अछूता नहीं रहा, पूरी दुनिया के साथ साथ उक्त भयंकर व जान लेवा बीमारी ने भारत में भी बड़े  तेजी से अपने पांव पसारने लगा और लोगों को निगलना शुरू कर दिया । लॉक डाउन होने के कारण कारोबार ठप हो गया रोजगार बंद हो गया आय उत्पन्न का स्रोत नहीं रहा अफरा तफरी का माहौल हो गया और लोगों के सामने रोजमर्रा की समस्याएं उत्पन्न होने लगी। एक तरफ बीमारी दूसरी तरफ भूख और उसके ऊपर प्रवासी मजदूरों का पलायन की परेशानी , इन सबसे ज्यादा तेजी से कोरोना वायरस मौत की पटरी पर दौड़ने लगी।



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्यों के साथ सामंजस तालमेल बिठाया और सभी राज्य सरकार के मुख्यमंत्रीयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्तालाप किये और देश के सभी राज्यों को हर संभव मदत मुहैया कराने का आश्वासन दिया और राज्यों को मदत पहुचाने का काम शुरू कर दिये। 


महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे ने बहुत ही निपुणता से अपने कार्य व लोगों की मदत किये महाराष्ट्र सरकार ने लोगों का मदत कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया और अभी भी मदत का भरकस प्रयास सुचारू रूप से जारी है, महाराष्ट्र कोरोना वायरस वैश्विक महामारी व भयंकर जान लेवा बीमारी से बहुत ज्यादा प्रभावित रहा है।



भारत में ढाई महीने से लॉक डाउन चल रहा है और देश के नागरिकों ने लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया है चूंकि अभी तक कोरोना वायरस की औषधि ( वेक्सीन ) कीसी भी देश ने नहीं बना पाया है और उक्त बीमारी की औषधि कब तक बनेगी यह भी कोई देश इसकी तारीख समय की जानकारी ठोस  तरीके से नहीं दे पा रहा है हालांकि कोरोना वायरस बीमारी की औषधि (वैक्सीन ) बनाने का परिरक्षण दुनिया के सभी देश युद्ध स्तर पर कर रहे हैं । अब प्रश्न यह है कि जब तक उक्त बीमारी की सफल औषधि नहीं बन जाती है तब तक यह बीमारी नहीं खतम होगी, इसीके मद्देनजर केन्द्र सरकार ने नियम , कानून और शर्तों के साथ 8 जून से लॉक डाउन खोलने का निर्णय लिया है, बाजार में या बसो में या अन्य किसी भी वाहन में यात्रा करते समय मास्क लगाना, हांथदस्ता ( हैंडग्लॉस ) और सेनेटाइजर रखना जरूरी है, मॉल और धार्मिक स्थलों को सेनेटाइजर रखना अनिवार्य है और शारीरिक दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है कई राज्यों ने अभी धार्मिक स्थलों को खोलने से मना किया है। 



मुंबई में ढाई महीने के बाद सड़कों पर बेस्ट की बसों ने सफर शुरू किया सरकार के निर्देशानुसार एक सीट पर एक ही ब्यक्ति को बैठने के लिए कहा गया और शारीरिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन नागरिकों ने बड़ी शिद्दत के साथ किये, मुंबई की कुछ एक और मुंबई से सटे जिलों की कुछ घटनाओं को नजरअंदाज करदे तो कुल मिलाकर देखें तो अनलॉक का पहला दिन ठीक ठाक रहा है, सरकार ने कहा है कि यदि किसी भी तरह की तकलीफ होती है तो तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल में जाकर अपना जांच कराए।


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