Mirzapur : स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से 21.28 लाख की बची वैक्सीन


- लाकडाउन के दौरान विन्ध्याचल मण्डल में स्वास्थ्य विभाग ने किया प्रयास


- 43 कोल्ड चेन प्वाइंट में रखकर वैक्सीन को खराब होने से बचाया


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोविड- 19 को लेकर लांकडाउन के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण सम्बन्धी सारी योजनाओं को बन्द कर रखा था उस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 22 लाख की वैक्सीन को खराब होने से बचाया है।


अपर निदेशक ने बताया कि टीकाकरण में प्रयोग की जाने वाली वैक्सीन को एक निर्धारित तापमान 2 डिग्री से लेकर 8 डिग्री पर रखा जाता है। वैक्सीन की शीत श्रृंखला, भण्डारण, गुणवत्ता एवं रख-रखाव के मानिटरिंग के लिए भारत सरकार व प्रदेश सरकार के सहयोग से यूएनडीपी के द्वारा संचालित इलेक्ट्रानिक वैक्सीन इंटेलीजेंस कार्यक्रम के माध्यम से तापमान में होते बदलाव पर ध्यान देने के लिए मुख्याूलय से लेकर जनपद के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर कोल्ड चेन को रखा गया है। जो आई0एल0आर0 में सेंसरयुक्त इलेक्ट्रोनिक डिवाइस लगाया गया है। जिससे मोबाइल एप एवं बेब पेज के माध्यम से 24 घंटे तापमान पर निगरानी रखा जाता है। इस वैक्सीन को पोर्टल के माध्यम से संबन्धित स्वास्थ्य केन्द्रों पर भेजने का कार्य किया जाता रहा है।


स्वास्थ्य टीकाकरण के परामर्शदाता माया शंकर ने बताया कि लाॅकडाउन के चलते टीकाकरण का कार्य कुछ दिनों के लिए विभाग ने रोक दिया गया। उस समय वैक्सीन का प्रयोग न होने से भण्डारण अधिक मात्रा में हो जाने से कोल्डचेन प्वाइंट पर सम्बन्धित कर्मी तक पहुंचान बहुत कठिन था इस परिस्थिति में वैक्सीन की सुरक्षा व रख रखाव और कोल्ड चेन के उपकरणों का सफल संचालन एक चुनौती से कम नही था। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने जो वैक्सीन जिस केन्द्र पर था वही पर 24 घण्टें मोबाइल एप के जरिए नजर रखने का कार्य किया गया। जरूरत पड़ने पर रोटा और पोलियो के वैक्सीन को आईएलआर से डीपफ्रीजर में रखा गया। इस तरह लांकडाउन के दौरान कुल 2128180 रूपये की वैक्सीन को खराब होने बचाने का कार्य किया गया। जिसमें भदोही जिले के 110743 वैक्सीन, मीरजापुर 489253 एवं सोनभद्र जिले 531483 रूपये की वैक्सीन को खराब होने से स्वास्थ्य विभाग द्वारा बचाने का कार्य किया गया है। जो अत्यन्त सराहनीय कार्य है।


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