Mirzapur : प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राइवेट क्लीनिक में चल रहे ओ0पी0डी0 सेवाओं के लिए जारी हुआ दिशा निर्देश


ओ0पी0डी0 सेवाओं में कोविड के नियमों का ध्यान देना आवश्यक-प्रमुख सचिव


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोविड 19 के संक्रमण के दृष्टिगत जिले के 9 सामुदायिक केन्द्रों, 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा 186 सबसेन्टरों के अलावा 164 प्राइवेट चिकित्सालयों एवं नर्सिग होम की सारी ओ0पी0डी0 सम्बन्धी सारी सेवाओं को बन्द कर दिया था।


अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/सर्विलांस अधिकारी डा0 अजय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद के आदेशानुसार प्रथम चरण में जिले के समस्त जिला/संयुक्त/महिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा निजी चिकित्सालयों में आवश्यक सेवाओं सम्बन्धित ओ0पी0डी0 को प्रारम्भ किया गया था व द्वितीय चरण में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सामाुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राइवेट क्लीनिकों की सभी प्रकार की ओ0पी0डी0 सेवाओं को प्रारम्भ कर दिया गया है। ओ0पी0डी0 सेवायें प्रारम्भ हो जाने से चिकित्सालयों में आने वाले भीड़ के कारण कोविड-19 संक्रमण को रोकने हेतु दिशा निर्देश जारी किया गया है।


प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये जारी किए गये दिशा-निर्देश -



  • स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले व्यक्तियों की थर्मल स्क्रीनिंग अवश्य किया जाए।

  • रोगी के साथ मात्र एक ही व्यक्ति को आने की अनुमति दिया जाए।

  • रोगी एवं उसके साथ आने व्यक्ति द्वारा मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

  • स्वास्थ्य केन्द्रों पर जुखाम, खांसी, बुखार, या सांस लेने में तकलीफ होने वाले रोगियों को अलग-अलग कमरें में जांच एवं उपचार की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है।

  • विभिन्न लक्षण वाले सभी रोगी पंजीकरण काउन्टर पर न लगे तथा सम्बन्धित कक्ष में ही अपनी जांच व उपचार की सेवाये प्राप्त हो।

  • पंजीकरण काउण्टर पर पर्ची बनाने वाला मास्क एवं ग्लस्ब का प्रयोग अवश्य करें।

  • जिले के ऐसे केन्द्र जहां पर आने वाले रोगियों की संख्या अधिक होती है। वहां एक से अधिक पंजीकरण काउण्टर स्थापित किये जाए तथा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरा ध्यान रखा जाए।

  • सुगर, उच्च रक्तचाप आदि के रोगियों के लिए एक माह की दवा उपलब्ध कराने का काम किया जाए जिससे इन रोगियों को बार-बार चिकित्सालय में आना पड़े।

  • ओ0पी0डी0 में कार्य करने वाले चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी मास्क एवं ग्लस्ब का प्रयोग अवश्य करें तथा चिकित्सालय परिसर में कक्ष के बाहर हाथ धोने की व्यवस्था होनी चाहिए।


निजी चिकित्सालयों हेतु जारी किए गये दिशा निर्देश -



  • निजी चिकित्सालयों में दो ही चिकित्सकों द्वारा ओ0पी0डी0 की सेवाये देने का कार्य किया जाए।

  • रोगियों को पहले से ही समय देकर ओ0पी0डी0 में देखने का कार्य किया जाए।

  • निजी चिकित्सालयों में एक धण्टे में केवल 4 रोगियों को ही देखा जाये अनावश्यक भीड़ न रखें।

  • कोविड-19 की गम्भीरता से लेते हुए  चिकित्सालयों में समाजिक दूरी, मास्क का प्रयोग व बार-बार हाथ धोना सुनिश्चित किया जाए।

  • चिकित्सालय के चिकित्सकों/स्टाफ को कोविड-19 से सम्बन्धित इन्फेक्शन सम्बन्धित प्रशिक्षण अवश्य देने का कार्य किया जाये।


जिला सूचना प्रबन्धक डा0 राहुल ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्रों के फर्श, दीवारों, फर्नीचर, दरवाजे, हैण्डवल एवं अन्य सतहों हाइपोक्लोराइट घोल से नियमित सफाई किया जाए। प्रत्येक सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों व निजी चिकित्सालयों में रोगी के सहयोगी के रूप में 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को अनुमति आने की न दिया जाए। जिले के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राइवेट क्लीनिक में आने वाले लोगों को कोविड 19 से बचाव के लिए विभाग द्वारा जारी पम्पलेट व बैनरों का प्रयोग किया जाए। यदि स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राइवेट क्लीनिक द्वारा इन दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन नही करता है तो विभाग उसके खिलाफ कठोरता के साथ कानूनी कार्यवाही करने के लिए बाध्य होगा।


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