Mirzapur : मां विध्यवासिनी के मंदिर की किवाड़ी खोलने की हो रही थी तैयारी !


ऐन वक्त पर सिर मुड़ाते पड़ गए ओले कहावत हुआ चरितार्थ, एक पुरोहित परिवार हुआ कोरोना पॉजिटिव


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : विंध्यपंडा समाज का विंध्यवासिनी मंदिर खोलने में हम हड़बड़ी में नही की आवाज सम्भवतः देव-वाणी सिद्ध हो गई कि जब मंदिर खोलने की अंतिम निर्णय की रूपरेखा बनाने का वक्त आया तो रक्त-पिपासु कोरोना विन्ध्याचल में आकर ऐसा धमका कि मां का दर्शन-पूजन कराकर आशीर्वाद देने वाला पुरोहित तबका ही उसकी चपेट में आ गया।


शुभ-अवसर पर काली छाया - 83 दिनों से बंद हुए मंदिर को खोलने की बुधवार, 10 जून को सायं 4 बजे रूपरेखा बनाने की एक बैठक होनी थी। लगभग दो घण्टे पहले बामुलाहिजा, सावधान ! मेरी सत्ता अभी बरकरार है का चैलेंज देते कोरोना वायरस पॉजिटिव बनकर आ धमका। मच गई भगदड़। जहां प्रशासन को प्लान देने की रणनीति बनने वाली थी, वहीं पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम एक पुरोहित परिवार में घुस आए वायरस को निष्प्रभावी बनाने के लिए मेडिकल अस्त्र-शस्त्र के साथ।


महत्त्वपूर्ण परिवार - जिस युवक को कोरोना ने चपेट में लिया है, उसके परिवार का एक सदस्य विन्ध्याचल मंदिर की देखभाल के लिए गठित विंध्य विकास परिषद का फिक्स वेतनमान पर सहायक लिपिक है। अभी 8 जून को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं पण्डा समाज की संयुक्त बैठक में उक्त लिपिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए मौजूद रहना पड़ा था। यद्यपि पीड़ित और लिपिक का परिवार अलग-अलग है लेकिन घर एक ही है।


हॉटस्पॉट बना घर - बदले नियम के अनुसार पॉजिटिव मरीज के घर को केंद्र मानकर 250 मीटर तक विशेष सतर्कता बरती जाती है। आवाजाही पर रोक और परीक्षण भी किए जाते हैं। पहले शहरी क्षेत्रों में 400 मीटर का दायरा शामिल था।


दुकान के आसपास भी सतर्कता - उक्त युवक के कोटे की दुकान नगर के भैसहिया टोला में है। अतः यहां भी आवास की तरह परीक्षण होगा। जब रिपोर्ट आई थी तब वह यहीं दुकान पर था।


जमाती, गुजराती के बाद पहला केस विन्ध्याचल का - शुरुआत तो चुनार से तीन जमाती पॉजिटिव से हुई। बाद में कछवा, पड़री, मड़िहान आदि से जो 38 लोग पॉजिटिव डिक्लेयर हुए, उसमें गुजराती, मुंबई के ही थे। यह पहला केस मिर्जापुरी है। जो बाहर से आए किसी संक्रमित के संपर्क का बताया जा रहा है। जिसका बाहर जाने का कोई रिकार्ड नहीं है।


दो दिन के लिए बैठक टली - पण्डा समाज की बैठक फिलहाल 2 दिनों के लिए टल गई है। बुधवार को गणेश भगवान का शांत दिन माना जाता है। शक्ति के पुत्र हैं गणेश जी। कोई आसुरी कुदृष्टि पड़ गई कि मंदिर खोलने के मुहाने पर खड़े समय पर सिर मुड़ाते ओला पड़ा कहावत चरितार्थ हो गई है।


Comments