Mirzapur : कोविड-19 अभियान में जान की परवाह किये बिना अपने कार्यो को कर रही है आशा व आशा संगिनी


•  अभियान में लगे आशा व आशा संगिनियों को द्वितीय किश्त जारी


रिपोर्ट : टी0सी0 विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोविड - 19 अभियान में लगी हुयी जिले की आशा व आशा संगिनी के कार्यो की प्रदेश सरकार के द्वारा काफी सराहा गया है। इसके लिए कोरोना के चार माह से लगे हुए आशा व संगिनी को प्रोत्साहन राशि का द्वितीय किश्त प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा देने का फैसला लिया गया है। मार्च माह से लेकर जून माह तक जिले के 2034 आशा, 89 आशा संगिनी व 20 शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओ ने सरकार व विभाग द्वारा इस उठाये गये कदम का स्वागत किया है।


जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह ने बताया कि जनपद में इस समय 2034 आशाओं के साथ 89 आशा संगिनी व शहरी क्षेत्र में 20 आशा कार्यरत है जो अपने अपने क्षेत्रों में लगातार सेवाएं पहुंचाने का कार्य कर रही है। वे अपने क्षेत्र में डोर टू डोर जाकर अन्य प्रदेश से आये हुये मजदूरों का सर्वे करने का कार्य कर रही है और स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही साथ उनको कोरोना वायरस से भी जागरूक करने का कार्य कर रही है। उनको कोरोना के विषय में बता रही है कि उससे कैसे बचा जाए जिसमें वे लोगो को बता रही है कि अगर घर से बाहर से जाये तो मास्क व ग्लस्ब लगाने का अवश्य कार्य करें। किसी से भी एक मीटर की दूरी पर ही बात करें और जरूरत हो तो ही घर से बाहर जाये अन्यथा घर में ही रहे और अपने मुंह और हाथ को एक एक घण्टे पर ही धोने का कार्य करें। वे अपनी जान की परवाह किये बिना अपने कर्तव्य को निभाने का कार्य कर रही है।


अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अजय ने बताया कि कोविड वायरस के नियन्त्रण में लगी हुयी आशा को प्रतिमाह की दर से 1000 रूपया इसके लिए विभाग को 81 लाख 36 हजार रूपए आशा संगिनी के लिए प्रतिमाह की दर से 500 रूपए जिसके लिए एक लाख 76 हजार रूपए व शहरी क्षेत्र में तैनात आशाओं के लिए भी 1000 रूपए उनके 96000 हजार प्रोत्साहन राशि देने के लिए धनराशि का आवंटन किया गया है। धनराशि मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस पहल का स्वागत किया है।


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