Mirzapur : कोविड-19 अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों ने निभाई भूमिका 


- पांच हजार गैर सरकारी व सरकारी चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोविड -19 वायरस जैसे गम्भीर बीमारी से लड़ने में जिले के स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है। कोविड जैसे वायरस से बचाने के लिए चिकित्सक, नर्स, वार्ड ब्याय के अलावा आशा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है। इस गंम्भीर बीमारी कई डाक्टर दिन रात जूझते हुए परदे के पीछे रहकर भी अपनी उपस्थिति को दर्ज कराने का कार्य किया है। जिले के डाक्टर जिले में आ रहे प्रवासियों के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजने व रिपोर्ट के आधार पर संक्रमण रोकने में कारगर साबित हुये है। आम आदमी तक विभाग के इस प्रकार के कार्यो की कोई जानकारी नही हो पाता है।
जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की लड़ाई में सैम्पलिंग लेने के अलावा सर्वे में लगाये गये स्वास्थ्य कर्मियों को गहनता से जांच करने का निर्देश दिया गया है। कोरोना वायरस से संदिग्धों के घर-घर जाने वाली टीमों में समन्वय स्थापित करने का कार्य किया गया है। इसके अलावा कोविड 19 चिकित्सालयों आदि की गहनता से मानीटरिंग किया जा रहा है। यदि कोई समस्या आती है तो वह स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा निस्तारित किया जा रहा है।


जिला सर्विलांस अधिकारी डा0 अजय के अनुसार कोरोना वायरस से जुड़े हर समस्याओं को निस्तारित कराने में विभाग का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। इसके अलावा कोरोना मरीजों के जिले में लेवल 3 का चिकित्सालय मंडलीय चिकित्सालय के परिसर में स्थापित किया गया है। जिसमें मरीजों से जुड़ी हर साधन से सुसज्जजित किया गया है। भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पोर्टलों पर सारी खबरों को समय से लोड किया जा रहा है। शासन स्तर पर किसी तरह का सूचना आदान-प्रदान करने में भी डाक्टर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे है।


जिला गुणवत्ता सेल डा0 प्रियंका ने बताया कि कोरोना वायरस के जैसे गम्भीर वायरस के दौर में इंफेक्शन प्रिवेंशन एक महत्वपूर्ण बिन्दु है। इसके लिए जनपद के सरकारी /गैर सरकारी चिकित्सालयों के पांच हजार स्वास्थ्य कर्मियों को  प्रशिक्षण देने का कार्य किया गया है। इसके अलावा जिले के विभिन्न चिकित्सालयों में इंफेक्शन प्रिवेंशन की टीम के साथ चिकित्सालयों में इंफेक्शन प्रिवेंशन के नियमों का पालन कराने के लिए अतिसंवेदनशील बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के पर्यवेक्षण व सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिले के एक माईक्रोप्लान तैयार किया गया है। प्लान को प्रभावी बनाने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखने का कार्य किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल अधिकारियों से सम्पर्क कर तुरन्त अवगत कराया जा रहा है। जिससे समस्या का निस्तारण तत्काल किया जा सके।


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