Mirzapur : जिलाधिकारी ने राज्य पोषण मिशन एवं कुपोषित गांवों के प्रगति की समीक्षा


- सीडीपीओ को आंगनवाडी केन्द्रों का निरीक्षण करने का दिया निर्देश 
- सहायिकायें मलिन, मुसहर एवं दलित बस्तियों में घर-घर जाकर बच्चों को लाये आंगनवाडी केन्द्र एवं दें प्रारम्भिक शिक्षा


रिपोर्ट : बृजेश गोंड


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सभी जिला परियोजना अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के आंगनवाडी केन्द्रों का औचक निरीक्षण करें और निरीक्षण आख्या मुख्य विकास अधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से मेरे (जिलाधिकारी) समक्ष भी उपलब्ध किया जाए।  उन्होंने कहा कि आंगनवाडी केन्द्रों पर तैनात सहायिकाएं अपने-अपने क्षेत्र में मलिन बस्तियों में विशेषकर मुसहर व दलित बस्तियों में घर-घर जाकर उनके 3 से 6 वर्ष तक बच्चों को आंगनवाडी केन्द्र पर लायें और आंगनवाडी कार्यकत्री के द्वारा बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा दी जाए, तथा उन्हें दी जाने वाले खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने पर उनके द्वारा स्वयं आंगनवाडी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया जायेगा यदि कोई आगनवाडी केन्द्र के बच्चों में प्रारम्भिक शिक्षा का स्तर खराब पाया जायेगा तो उसके विरूद्ध कडी कार्यवाही की जायेगी।


जिलाधिकारी राज्य पोषण मिशन एवं कुपोषित गांवों के प्रगति की समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि  कोविड-19 के दृष्टिगत ग्राम स्तर निरानी समितियों को सक्रिया किया सभी आगंनवाडी कार्यकत्रियों के मोबाइल नम्बर चालू रहे। सीडीपीओ व स्वयं डीपीओ समय-समय पर आंगनवाडी कार्यकत्रियों व निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों को संज्ञान में लेने का कार्य करें। कहा कि सभी घरों में जागरूकता पोस्टर व पम्पलेट लगाये जाने के साथ ही मास्क लगाने, सोशल डिस्टेसिंग व हाथ धाने के लिये बाहर से आने वाले प्रवासियों को बताये तथा उनसे वार्ता कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त करें।


बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी गोद लिये गांव के अधिकारियों को कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण सुधार हेतु सतत प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कुपोषण रोकथाम हेतु सार्थक प्रयास सुनश्चित करें, कुपोषित बच्चों की मानीटरिंग, पोषाहार वितरण, स्वास्थ्य जाँच कराना, समय-समय पर किया जाए। यह भी कहा गया कि गर्भवती माताओं, धात्री तथा किशोरियों को समय-समय पर वजन कराये तथा समय से पोषाहार का वितरण सुनिश्चित करायें।


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