मनरेगा में पढ़ी लिखी महिलाओं को सुपरवाइजर रखा जाएगा - डीएम सुशील कुमार पटेल


धर्मस्थानों में ढील पर सजगता और सतर्कता की जरूरत, जिले में वर्षा जल संचय के लिए नागालैंड के अनुभवों को लागू करेंगे


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : ज्येष्ठ की गर्म हवाओं के बीच कोरोना मामले में आती ठंडी हवाओं से जनता से ज्यादा प्रशासन खुश दिख रहा है। इधर सैम्पल टेस्ट की निगेटिव रिपोर्टों से खुश नजर आ रहे डीएम सुशील कुमार पटेल विकास की ओर उन्मुख हुए हैं वरना एक सूत्रीय कोरोना, प्रवासी मजदूर, खाद्यान्न वितरण, क्वारन्टीन सेंटर आदि ही प्राथमिकता के केंद्र विंदु हो गए थे।


मंगलवार को अपने कार्यालय में जहां एडीएम यूपी सिंह एवं सीएमओ डॉ ओपी तिवारी के साथ बैठकर ट्रामा सेंटर के सुव्यवस्थित विषयों पर मन्त्रणा कर रहे थे, वहीं अन्य विषय पर ध्यान आकृष्ट किए जाने पर उसपर भी गम्भीरता से चिंतन-मनन उन्होंने किया।


मनरेगा में पढ़ी लिखी महिलाएं सुपरवाइजर होंगी- डीएम श्री पटेल का ध्यान जब प्रवासी पढ़े लिखे युवक तथा युवतियों के बोझा ढोने में आने वाली दिक्कतों पर आकर्षित किया गया तो वे खुद ही बोल उठे कि उन्होंने निर्णय लिया कि 50 श्रमिकों पर एक पीढ़ी लिखी महिला को सुपरवाइजर बनाया जाएगा, क्योंकि सुपरवाइजरी का काम पढा लिखा ही कर सकता है।


कोरोना के साथ पेयजल पर नज़र- डीएम श्री पटेल की नजर पेयजल समस्या पर भी सजग है। जिले के लिए एक सुखद स्थिति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आज की तारीख में पूरे जिले में पानी का स्टेटा (लेविल) जितना चला जाता रहा, उससे इस बार पानी लगभग 2 मीटर (7 फीट) उपर है। इसके लिए बीच-बीच में हुई वर्षा, गांवों में बने तालाब, नहरों के चौड़ीकरण के लिए किए गए कार्यो को मुख्य रूप से उन्होंने उप्लब्धिपूर्ण बताया।


वृक्षारोपण पानी की सुलभता की जगह किए जाएं तथा वर्षा जल के लिए टँकियां बने- डीएम श्री पटेल इस सुझाव से सहमत हुए कि वर्षा जल के संचय के लिए वे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भवनों के छतों पर बरसने वाले पानी को पाइप के सहारे भूमि-तल में टँकी बनवाएंगे। वृक्षरोपण में पानी की सुलभता वाला स्थान तय करने पर सहमति जताई। अदवा वैराज, नहरों के किनारे आदि को वरीयता पर भी उनकी सहमति रही।


नागालैंड में बतौर जिलाधिकारी वे खुद वर्षा जल ही पीते थे- डीएम श्री पटेल वर्षा जल को स्वास्थ्य के लिए अमृत-तुल्य मानते हैं। वे बोले- नागालैंड में वे जिलाधिकारी के रूप में यही जल पीते थे। इसमें सल्फर, आयरन की मात्रा नहीं होती है। उनका मानना है कि इस जल के पीने से वे कभी भी बीमार या अस्वस्थ वे नहीं हुए।


शेम्फोर्ड की सेवा से प्रसन्न दिखे- विविध क्षेत्रों में ढील के बाबत उन्होंने कहा कि अभी स्कूलों में ढील पर विचार विमर्श नहीं हुआ है। स्कूल खुलने पर प्राइवेट स्कूल शेम्फोर्ड को क्वारन्टीन सेंटर से मुक्त किया जाएगा ? प्रश्न पर उन्होंने उक्त बातें कहीं। डीएम श्री पटेल शेम्फोर्ड स्कूल के सहयोग से प्रसन्न दिखें तथा कहा कि स्कूल का परिवेश बहुत अच्छा है।


विंध्याचल मंदिर के सम्बंध में- इन बाबत डीएम श्री पटेल ने कहा कि विंध्य पंडा समाज के प्रतिनिधि एवं नगर विधायक उनके पास आए थे। उन्होंने दुकानों, होटलों आदि में सेनिटाइजर आदि के लिए कह दिया है। धार्मिक स्थानों के बारे में शासन से गाइड लाइन मिलते ही तदनुसार निर्णय लिया जाएगा। उनका मानना है कि पंडा समाज आपस में बैठक कर स्थितियों को देखते हुए तदनुरूप निर्णय लेगा। धर्म-स्थानों की ढील पर बहुत ही अधिक सतर्कता की जरूरत है।


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