लद्दाख में LAC पर हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद, चीन के 43 सैनिक घायल हुए है या मरे है


दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में गालवान घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों की शहीद हो गए हैं। न्यूज एजेंसी एएनएस के अनुसार चीन की क्षति के बारे में सटीक संख्या की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि कहा है कि गया है कि चीन के 43 सैनिक घायल हुए है या मरे गये है।


चीन के सैनिक पूरी तरह तैयार होकर आए थे, भारतीय सैनिकों पर अचानक कर दिया और शुरुवात में भारतीय कर्नल सहित 3 जवान शहीद हुए। आर्मी हेड क्वाटर के सोर्सेज के अनुसार चीन बड़ी सेना लेकर करीब 800 सैनिक के साथ एलओसी पर आ धमका जबकि भारत के सिर्फ 50 से 60 जवान थे। चीनियों ने एकाएक हमला किया, कई भारतीय सैनिकों को अगवा कर लिया, उनको छुड़ाने गए जवानों पर अग्रेसिव हमला किया तभी तक भारत की और सेना की टुकड़ी पहुंची और चीनियों को खदेड़ना शुरू किया। जिसमें करीब 43 चीनी सैनिक मारे गए या घायल हुए है।



चायनीज़ पीएलए अपने साथ रोड, कंटीले तार और नुकीले पत्थर लेकर आया था, पूरी साजिश के तहत। भारतीय सेना के कई जवान अभी भी गायब है। चायनीज़ आर्मी कमांडेंट लेवल पर एक तरफ बातचीत चल रही थी,और दूसरी तरफ चीनी सेना ने कॉम्बेट फाइट शुरू कर दी।


इससे पहले आज विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प क्षेत्र में ''यथास्थिति" को एकतरफा तरीके से बदलने के चीनी पक्ष के प्रयास के कारण हुई। मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व में शीर्ष स्तर पर जो सहमति बनी थी, अगर चीनी पक्ष ने गंभीरता से उसका पालन किया होता तो दोनों पक्षों की ओर जो हताहत हुए हैं उनसे बचा जा सकता था।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ''सीमा प्रबंधन पर जिम्मेदाराना दृष्टिकोण जाहिर करते हुए भारत का स्पष्ट तौर पर मानना है कि हमारी सारी गतिविधियां हमेशा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के भारतीय हिस्से की तरफ हुई हैं। हम चीन से भी ऐसी ही उम्मीद करते हैं।" श्रीवास्तव ने कहा, ''हमारा अटूट विश्वास है कि सीमाई इलाके में शांति बनाए रखने की जरूरत है और वार्ता के जरिए मतभेद दूर होने चाहिए।" उन्होंने कहा, ''इसके साथ ही हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"


 



चीन ने भी माना कि मारे गए उसके सैनिक


चीन ने भी मान लिया है कि सोमवार (15 जून) रात वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प के दौरान उसके भी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि उसके कितने सैनिक हताहत हुए हैं, इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के हवाले से चीन की सेना (पीएलए) का यह बयान जारी हुआ है।


वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर ताजा घटनाक्रम के बाद एक चीनी सैन्य प्रवक्ता ने मंगलवार (16 जून) को भारतीय सैनिकों से अपील करते हुए कहा कि वे सीमा पर चीनी सैनिकों के खिलाफ सभी भड़काऊ कार्रवाइयों को तुरंत रोके और बातचीत के माध्यम से विवादों को सुलझाने के सही रास्ते पर वापस आए। पीएलए ने कहा, "भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर गलवान घाटी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार किया और जानबूझकर उकसाने वाले हमले किए, जिससे गंभीर संघर्ष हुआ और सैनिक हताहत हुए।"


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