कोरोना योद्धा "अभिजीत राणे के मन की बात "


मुंबई : "कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता से ज्यादा मानसिक प्रतिरोधक शक्ति निर्णायक होती है" ऐसा मैंने पढा था। आज आईसीयू के बेड से जब मैं यह सोचकर लिख रहा हूँ तो सिर्फ यह सच है कि तब मेरे मन की प्रतिरोधक तथा प्रतिबंधक शक्ति यानी आप सभी लाखों कामगारों का मुझ पर प्रेम विश्वास निष्ठा तथा समर्पण भाव ही है। जिसने मुझे आज तक ऊर्जा, उत्साह व उमंग प्रदान की है। इस देश के तकरीबन 2 लाख लोगों की तरह मुझ पर भी कोरोना का संक्रमण
सिर्फ एक एक्सीडेंट है। आज तक इस तरह के अनेक एक्सीडेंट, चाल, छल, कुचक्र, षडयंत्र से मैं आपके आशीर्वाद, स्नेह, सद्भावना से सुरक्षित बचा रहा हूं। तो यह कोरोना क्या चीज है।


मेरा इंतजार कीजिए। कोई चिंता न कीजिए। मैं जल्दी ही एक बार फिर स्वस्थ होकर आपके पास आऊंगा। आपके साथ रहूंगा। 


आपका है सदैव साथ। कोरोना को दूंगा मात।। (धडक कामगार युनियन की तरफ से प्रसारित)


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