खुद की हत्या की साजिश, मृतक ने ही दी थी सुपारी



  • रनहोला पुलिस ने पूरी तरह से ब्लाइंड हत्या केस की गुत्थी को कम समय मे सुलझाते हुए, चार हत्यारों को पकड़ा

  • मुख्य आरोपी जुवेनाइल अनुसार मृतक ने अपनी हत्या की दी थी सुपारी ।


रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया


दिल्ली : बाहरी जिला रनहोला पुलिस को दस जून को सुबह सूचना मिली कि बपरोला विहार नजदीक खेड़ी पुल के पास एक पेड़ से एक शख्स की लाश लटकी हुई है, शव के दोनों हाथ बंधे हुए है। मौके पर पहुंच पुलिस ने पेड़ से लटके शव को नीचे उतारा। पुलिस जांच में शव की पहचान आर्य नगर के गौरव बंसल (35) के रूप में हुई। मृतक एक किराना थोक-विक्रेता था, जिसकी आनंद विहार में नौ तारीख को लापता होने की रिपोर्ट दर्ज थी। पुलिस ने शव की पहचान होने पर पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया।


शव के दोनों हाथ बंधे होने से पुलिस ने मर्डर का मामला दर्ज कर पूरी तरह से ब्लाइंड हत्या केस को मद्देनजर रखते हुए रनहोला एसीपी आनंद सागर के दिशा निर्देशानुसार एटीओ साही राम के नेतृत्व में बनी मजबूत टीम जिसमें इंस्पेक्टर नितिन कुमार, एसआई अमित राठी, हवलदार ओमवीर, सुनील, पवन, विजेंद्र, संजीव, विजय राम, सिपाही रामेश ने वारदात वाली जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए समस्त इलाके की गहन छानबीन करते हुए सूरज नाम के संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ दौरान सूरज द्वारा हत्या का जुर्म कबूलते ही पुलिस ने उसकी निशानदेही पर तीन और मुजरिमों को मौके से दबोच लिया।



बाहरी जिला उपायुक्त डॉ ए.कोन अनुसार पकड़े गए आरोपित हत्यारों में से एक की पहचान मनोज कुमार उम्र (21), दूसरा सुमित उम्र (26) जिस पर उत्तम नगर में पहले से रेप-केस दर्ज है। तीसरा सूरज उम्र (18) और एक मुख्य आरोपी जुवेनाइल है। चारों अपराधी मोहन गार्डन उत्तम नगर के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी जुवेनाइल के पकड़े जाने के बाद जो खुलासा हुआ वह अपने आप में हैरान कर देने वाला था। जुवेनाइल के अनुसार मृतक गौरव बंसल ने फोन पर संपर्क करते हुए उसे अपनी हत्या की सुपारी देने को कहा था।


बता दे, बंसल ने फरवरी 2020 में छह लाख का लोन लिया था और कुछ दिन बाद उसके क्रेडिट-कार्ड से बिना जानकारी के साढे-तीन लाख रुपए निकल गए थे। जिसकी मयूर विहार थाने में शिकायत दर्ज है। बिजनेस में घाटा होने के कारण मृतक बंसल का डिप्रेशन में होने की वजह से इलाज भी हुआ था। गौरव बंसल ने जुवेनाइल को फोन करके अपनी हत्या करने की सुपारी दी थी। नौ तारीख वाले दिन गौरव बंसल अपनी प्लानिंग तहत उस दिन अपनी गाड़ी को घर में खड़ा करके कड़कड़डूमा दुकान पर गया और वहां से रनहौला इलाके की तरफ जाते हुए उसने रास्ते में अपराधियों को अपना फोटो भी भेजा था, ताकि वह लोग उसे आसानी से पहचान सकें। जैसे ही वह वारदात वाली जगह पर पहुचा। पहले से इंतजार कर रहे चारों अपराधियों ने उसके हाथ पैर बांध कर उसके गले में रस्सी का फंदा डालते हुए पेड़ पर लटकाकर हत्या की वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।


सूत्रों-मुताबिक गौरव बंसल का अपनी हत्या करवाने का असली मकसद उसकी मौत के बाद इंश्योरेंस के पैसे उसके घर वालों को दिलाना था। पुलिस द्वारा हत्या वारदात को ध्यान में रखते हुए आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्जकर चारो आरोपियों से आगे की गहन तफ्तीश जारी है। इस तरह रनहोला पुलिस ने पूरी तरह से ब्लाइंड हत्या केस को इतने कम समय में सुलझाते हुए अत्यंत काबिले तारीफ व सार्थक कार्यशैली को बखूबी अंजाम दिया है।


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