जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा में कोरोना बना रथ के आगे काठ तो आस्था कोरोना के सिर चढ़कर दिखी


चिकित्साधिकारियों ने मानव-शरीर को कूड़ादान न बनाने की दी सलाह


ARTO ने यंगस्टर्स से कहा - सेनानी बनो


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) :


कोरोना तो द्वापरयुग के कंस जैसे आचरण पर उतारू है ही और श्रीकृष्ण रूप भगवान जगन्नाथ तथा उनके भक्तों के बीच बाधा बन रहा है लेकिन आस्था एवं भक्ति में भी ताकत होती ही है जो जगन्नाथ जी की रथयात्रा के दिन दिखाई पड़ी। बदले रूप में भगवान की पूजा अर्चना हुई तो परिवहन विभाग ने इसी दिन सैनिक कल्याण बोर्ड दफ्तर के बाहर युवकों को योग्य सेनानी बनने की नसीहत दी जबकि यहीं स्वास्थ्य विभाग के क्लास-वन ऑफिसरों ने भी कोरोना वायरस को कंस-पूतना, प्रलम्बासुर और कालियानाग जैसा नर-पिशाच घोषित किया ।



रथ के आगे काठ बना कोरोना तो आस्था चढ़ी कोरोना के सिर - नगर के त्रिमोहानी मुहल्ले में श्रीरामजानकी के रथ के आगे काठ बन कर कोरोना खड़ा हो गया जरूर पर भक्तों की आस्था कोरोना के सिर जा बैठी। मंदिर परिसर में ही रथ की यात्रा के बाद भक्तगण सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जगन्नाथ भगवान की जय जब बोल रहे थे तब उस गूंज में उत्साह दिखा ।


भव्य हुई आरती - मंदिर में पूजन-आरती में वही चमक-दमक जो अन्य सालों में होती थी, दिखी।  कारण पुजारी सुशील दबे एवं सुरेश शास्त्री के मंत्रोच्चार को कोरोना दबा न सका । जिस वक्त शाम को आरती हुई तब मेघ भी झूम कर बरस उठे।


भक्तों में उत्साह - भक्तों में  बद्रीविशाल गुप्त, श्यामबिहारी खंडेलवाल, ओमप्रकाश गुप्त, राम कृष्ण गुप्त, राकेश गुप्त, मयंक गुप्त, गौरव उमर, वृजेश गुप्त, रामनारायण अग्रहरी, संदीप दुबे, शुभम्, उपदेश, रामजी दबे, सुमित, सोनू गोलू, उदित श्रीवास्तव, दीपक, सुशील मुसुद्दी, राज माहेश्वरी एवं विभाव पांडेय आदि ने तीन तीन फीट की दूरी पर खड़े होकर आस्था जताई।



प्रथम श्रेणी स्वास्थ्य विभाग के ऑफिसरों ने मुकाबले की अपील की अवसर था मंगलवार को अल्ट्रासाउंड मशीनों  की स्थापना और नवीनीकरण के लिए PCPNDT की बैठक संबंधित । जिसमें चुनार के वुमेन हेल्थ सेंटर तथा यहीं के एक्सेल हेल्थ सेंटर को अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की अनुमति तथा वर्धमान डायग्नोस्टिक सेंटर के नवीनीकरण के आवेदन को स्वीकृति दी गई । इस बैठक में डॉ सुबोधकांत सिन्हा, डॉ वी के तिवारी, डॉ नीलेश श्रीवास्तव एवं डॉ यू एन सिंह (सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी) तथा उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ गुलाब वर्मा, कम्प्यूटर डाटा आपरेटर मनीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक वी पी मिश्र तथा इस कमेटी के गैरसरकारी सदस्य सलिल पांडेय उपस्थित थे। कोरोना काल में पहली बार हुई बैठक में उक्त सभी अधिकारियों ने यही सलाह दी कि बहुमूल्य शरीर की रक्षा के लिए खान-पान की आदतों को सर्वश्रेष्ठ बनाने की जरूरत है। इससे शरीर की प्रतिरोधक-क्षमता बढ़ेगी। अंदर की सेना कृष्ण-स्वरूप में होगी तो कंस आदि की सेना भाग खड़ी होगी।



सेना-कार्यालय के बाहर ARTO सेनानी भाव पैदा कर रहे थे राहगीरों में - यहीं RTO प्रशासन डॉ आर के विश्वकर्मा का सरकारी आवास है। वहीं बाहर सड़क पर ARTO रविकांत शुक्ल ने दिन के कड़े रवि(सूर्य) की परवाह न कर बीच सड़क खड़े हो गए। सड़कपर चलते वाहनों की चेकिंग की। 25 का ऑनलाइन चालान किया। लगभग 50 यंगस्टरर्स को रोककर समझाया कि महामारी के वक्त मास्क और हेलमेट लगाकर चलें।  नई उम्र के कुछ लड़के खुद ही कान पकड़कर फिर गलती न करने की प्रतिज्ञा ली। 


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