द्वारका स्पेशल स्टाफ व एएटीएस ज्वाइंट टीम ने महज चौबीस घंटे मे 6.95 लाख ब्लाइड-लूटपाट केस का किया खुलासा


हथियार सहित दबोचे दो कुख्यात लुटेरे


रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया


दिल्ली : नजफगढ़ थाना मे एक जून सुबह ग्यारह बजे पीडित प्रमोद चौहान ने शिकायत दर्ज करते हुए पुलिस को बताया, वह नजफगढ नांगलोई रोड पर बने पेट्रोल-पंप से रोशनपुरा बैंक में कैश जमा कराने जा रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिल सवार लुटेरों ने हवा में फायरिंग करते हुए 6.95 हजार कैश से भरा बैग छीनते हुए मौके से फरार हो गए है। लूटपाट शिकायत को ध्यान में रखते हुए द्वारका आप्रेशन एसीपी जोगिंद्र सिंह जून के दिशा-निर्देशन में स्पेशल-स्टाफ इंस्पेक्टर नवीन कुमार की टीम एएटीएस इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार व नजफगढ़ स्थानीय पुलिस की ज्वाइंट-टीम ने मुजरिमो पर शिकंजा कसने के लिए इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगालते हुए, आपने सूचना तंत्र माध्यमों से जानकारी जुटानी शुरू की, तभी अगले दिन टीम को गुप्त सूचना मिली आरोपित लूटेरा नजफगढ़ साईं बाबा मंदिर के पास आने वाला है।



टीम ने तुरंत कार्यवाही करते हुए जाल बिछाकर आरोपी को कंट्री-मेड पिस्तौल व जिंदा कारतूस सहित दबोच लिया। पूछताछ दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी मंजीत कुमार के साथ मिलकर सोमवार को पेट्रोल पंप पर लूटपाट की थी।उसकी निशानदेही पर कुछ समय उपरांत सिपाही मनीष को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नजफगढ़ की अनाज-मंडी पर ट्रैप के जरिए घेराव करते हुए दूसरे आरोपी को सोफिस्टिकेटेड पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस सहित हिरासत में ले लिया। द्वारका उपायुक्त अंटो अलफोंस अनुसार पकड़े गए दोनों आरोपियों में से एक नवीन उम्र (33) जहांगीरपुरी से, पुलिस रिकॉर्ड मुताबिक इस मुजरिम ने 2018 में इसी पेट्रोल पंप पर पहले भी लूटपाट की थी और जेल से बेल पर बाहर था। दूसरा आरोपी मंजीत डागर उम्र (28) गांव झडौदा से है।


कड़ी-पूछताछ दौरान दोनों लुटेरों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया वह विकास दलाल गैंग के सदस्य थे और कुछ दिन पहले पुलिस एनकाउंटर में विकास दलाल की मौत हो गई थी। नवीन को मंजीत ने ही विकास दलाल से मिलवाया था और विकास ने उन्हें हथियार सप्लाई करते हुए अपने गैंग में शामिल किया था। उसकी मौत के बाद दोनों कुख्यात-अपराधी कुछ दिनों तक छिपे रहने के बाद अपने महंगे शौंक पूरे करने के लिए पैसो की पूर्ती हेतु दोबारा फिर से चोरी लूटपाट जैसी वारदाते कर रहे थे। लूटपाट को कैसे अंजाम देना है दोनो ने कुछ दिन तक उस जगह पर जानकारी जुटाई। रविवार को बैंक बंद होने की वजह से पेट्रोल पंप पर ज्यादा कैश रकम इकटठ्ठा रहती है। सोमवार का दिन लूटपाट के लिए चयनित करते हुए मंजीत द्वारा लाई गई लूटपाट के लिए इस्तेमाल बिना नंबर-प्लेट पुरानी मोटरसाइकिल पर बैठते हुए दोनों लुटेरे लूटपाट-वारदात को अंजाम देने के बाद दिचाऊ-खेतों की तरफ भाग गए।



यहां पर नवीन ने पहले से अपनी स्कूटी छिपा रखी थी। सबूत मिटाने के लिए दोनों ने कैश निकालते हुए बैग मे पडे जरूरी कागजात सहित मोटरसाइकिल को आग के हवाले करके खुद कैश लेकर स्कूटी से फरार हो गए। नवीन को लूटपाट रकम के एक लाख चालीस हजार मिले थे। जिसमें उसने दस हजार पाच सौ रूपए का एक नया मोबाइल खरीदा था। पुलिस ने उसके पास से एक लाख उन्नीस हजार कैश बरामद किया व दूसरे अपराधी मंजीत से लूटपाट किया सवा चार लाख कैश बरामद किया। डीसीपी अनुसार पुलिस ने कुल मिलाकर लूटपाट का पाच-लाख चौंतीस हजार कैश, नया मोबाइल फोन व हथियार के इलावा जली हुई मोटरसाइकिल व पीड़ित का जला हुआ बैग ज़ब्त कर लिया है।


नजफगढ़ पुलिस द्वारा लूटपाट और पकडे गए हथियारो को ध्यान में रखते हुए आर्म्स-एक्ट व 392/397/34 आईपीसी की धारा तहत मामला दर्ज करके आगे की गहन-तफ्तीश जारी है, ताकि इन आरोपियों से अन्य चोरी-लूटपाट केसों का खुलासा हो सके। इस तरह द्वारका स्पेशल-स्टाफ व एएटीएस की ज्वाइंट टीम ने महज चौबीस-घंटे के अंदर पूरी तरह से ब्लाइंड लूटपाट केस का खुलासा करके सतर्कतापूर्वक की गई कार्यशैली को अति-सराहनीय व बखूबी तौर पर दिया अंजाम।


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