ध्वस्तीकरण से पहले सुनवाई की कार्यवाही पूर्ण होना आवश्यक : हाईकोर्ट


रिपोर्ट : एडवोकेट विनीत दूबे


प्रयागराज, (उ0प्र0) : नगर पालिका परिषद, फतेहपुर द्वारा निर्माण कार्य के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ याची कैलाश नारायण व आठ अन्य याचियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। जिसमें उन्होंने बताया कि 31/07/2018 को नगर पालिका परिषद, बिंदकी, जिला फतेहपुर ने याचियों के खिलाफ अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी की थी। याचियों का कहना है कि इस मामले में उन्होंने जिलाधिकारी को भी प्रत्यावेदन दिया है, लेकिन उनके द्वारा उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिसके कारण नगर पालिका द्वारा पूरे निर्माण कार्य के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया गया, साथ ही निर्माण-कार्य का खंड भाग ध्वस्त भी कर दिया गया। याचियों का पक्ष सुनकर न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और सौमित्र दयाल सिंह की खंडपीठ ने कहा कि परिषद को ध्वस्तीकरण से पहले प्रत्यावेदन पर विचार कर याचीगण को अपना पक्ष रखने का एक अवसर देना चाहिए था। इसके साथ ही कोर्ट ने याचियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे उपरोक्त मामले में पुनः प्रत्यावेदन करें और नगर पालिका को आदेश दिया कि दो हफ्तों के अंदर याचीगण के प्रत्यावेदन का निस्तारण करने के साथ ही परिषद द्वारा की गई कार्यवाही का ब्यौरा दें और यदि नगरपालिका ने अपने पूर्व पारित आदेश के अनुसार अंतिम कार्यवाही पूरी कर ली हो, तो उसे किसी अन्य आदेश के अनुपालन की आवश्यकता नहीं है।


Comments