दर्शन से ज्यादा अहमियत जिंदगी की है :  विंध्य पंडा समाज


- हड़बड़ी में नहीं सुव्यस्थित खुलेगा मां विंध्यवासिनी मंदिर का पट


- पण्डा समाज के ही सदस्य नगर विधायक और समाज के अध्यक्ष की राय सोने में सुहागा


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : श्रद्धा एवं आस्था की केन्द्र विन्दु मां विंध्यवासिनी के पट खुलने की बेसब्री से श्रद्धालु टकटकी लगाए हैं । जिले ही नहीं आसपास के तमाम जिलों के वाशिंदों की आराध्या मां विंध्यवासिनी हैं । तमाम घरों में मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत विंध्यधाम से अनुमति के बाद शुरू होती है। मंदिर लॉकडाउन की जंजीरों में जकड़ा है, लिहाजा गर्मी में होने वाली शादियों की तारीख-दर-तारीख बढ़ती जा रही है । एक साल, तीन साल और पांच साल में मुंडन कराने वाले भी व्यग्र है, वे तो चाहते हैं कि जल्द मंदिर के लिए अनलॉक की स्थिति बने पर शासन के स्पष्ट आदेश के बाद ही कोई निर्णय यद्यपि होगा लेकिन 8 जून की प्रत्याशा में प्रशासन तथा पंडा समाज होमवर्क करता दिखाई पड़ रहा है ।


पंडा-समाज हड़बड़ी में नहीं - DM सुशील कुमार पटेल और पंडा समाज दोनों ओर से यह प्रयास हो रहा है कि हड़बड़ी में कुछ ऐसा न हो जाए कि लगभग 70 दिनों से की गई मशक्कत पर पानी फिर जाए । जहां श्री पटेल धाम के कण-कण को खुलने के पूर्व और खुलने के बाद निरन्तर सेनिटाइजेशन पर जोर दे रहे हैं, वहीं पंडा समाज दो कदम आगे रहकर दर्शन से बढ़कर जिंदगी पर भी जोर दे रहा है। 


अगर भक्त नहीं होंगे तो भगवान कहां होगा ?- प्रशासन की मंशा को समझते हुए मंदिर देखभाल की प्रमुख संस्था 'विंध्य पण्डा समाज के अध्यक्ष श्री पंकज द्विवेदी अपने सदस्यों, साथियों तथा जिले के प्रबद्ध वर्ग से इस संबन्ध में राय-मशविरा ले रहे हैं। बुधवार को इसी क्रम में श्री द्विवेदी ने यह तय किया कि मंदिर हड़बड़ी में नहीं खोलेंगे । काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर खुलने पर वहां की व्यवस्था का सम्यक् अध्ययन करके ही भले दो-चार दिन बाद मंदिर खोलना पड़ेगा, तब भी वे ऐसा ही करेंगे। उनके अनुसार लॉकडाउन तो 25 मार्च से लागू हुआ था लेकिन विंध्याचल मंदिर 20 मार्च से ही बंद कर दिया गया था ।


विचारोपरांत निर्णय - इसी क्रम में प्रबद्ध तबके से विचार के बाद श्री द्विवेदी इस बात पर राजी है कि मंदिर आने वाले अनेक गलियों में से पहले कुछ ही गलियां खोली जाएं और उन गलियों में आने वाले श्रद्धालुओं के थर्मल-स्क्रीनिंग की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग निरन्तर करे । इसके अलावा दर्शन के लिए चलने से पहले 'नो-कोरोना' की रिपोर्ट अपने अपने स्तर से प्राप्त कर दर्शनार्थी अपने पास रखे रहें ताकि उन्हें रोक-टोक का शिकार न होना पड़े । श्री द्विवेदी  कहीं से कोई हल्की व्यवस्था न रहे, इसके लिए चैतन्य दिख रहे हैं । पण्डा समाज के अध्यक्ष के रुप में लोगों की नजर में श्री राजन पाठक के बाद श्री पंकज द्विवेदी ऐसे अध्यक्ष हैं जो श्रद्धालुओं की सुविधा पर ज्यादा देते रहते हैं । संयोग से इन दिनों नगर विधायक भी पंडा समाज के ही सदस्य श्री रत्नाकर मिश्र हैं, अतः दोनों का समन्वय सोने में सुहागे का काम कर रहा है।



 जनसूचना कानून की लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ता के भाई पर हमला
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मिर्जापुर । जनसूचना कानून  भारत सरकार ने बड़े धूमधड़ाके से लागू किया है लेकिन इस कानून के सहारे गड़बड़झाले का पता लगाने की कोशिश करने वालों पर प्रायः आफत भी आती रहती है ।
    इसी आफत के शिकार भर्तृहरि की समाधि के नगर चुनार में जाने माने आरटीआई कार्यकर्ता एवं पत्रकार प्रदीप शुक्ल के भाई जयदीप शुक्ल को 2/3 जून की रात झेलनी पड़ी है । इसके पहले खनन, ईंट उद्योग तथा पर्यावरण के संबन्ध में पूछे गए सवालों पर खुद प्रदीप शुक्ल माफियाओं के उत्पीड़न के शिकार हो चुके हैं । इस बार मध्यरात्रि उनके भाई को मारने को कोशिश हुई है । घटना की रिपोर्ट धारा 352 एवं 504 में चुनार थाने में दर्ज हो गई है ।
  प्रबद्ध लोग इस घटना से उद्वेलित हैं ।
*सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


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