Delhi : दो महीने का वेतन ना मिलने से बस क्लस्टर डिपो चालक अनिश्चितकाल धरने पर बैठे,


कल तमाम क्लस्टर बसो का होगा चक्का जाम


रिपोर्ट : अनीता गुलेरिया


दिल्ली : वैश्विक-महामारी के चलते लॉक डाउन दौरान दिल्ली सरकार द्वारा क्लस्टर बस चालकों के दो महीने का वेतन नही देने पर कई दिन से चल रहे विवाद के चलते, बस डिपो मैनेजमेंट द्वारा सभी ड्राइवरों का वेतन देने के लिए प्रंदह दिन का समय दिया गया था, द्वारका सेक्टर 22, बस क्लस्टर डिपो के गेट पर काफी संख्या में एकत्रित हुए क्लस्टर कर्मचारी एकता संगठन के लोगो ने मीडिया के समक्ष भारी रोष व्यक्त करते हुए कहा, हमारे क्लस्टर विभाग में तीन कंपनियां जिसमें डीमट्स, पैराग्रीन कंडक्टर कंपनी, ट्रिंग डीटीसी कार्यरत कर्मचारी आते है। हमारी कंपनी ने दिल्ली के छह डिपो रानी खेड़ा, द्वारका सेक्टर 22, राजघाट, सीमापुरी, बवाना डिपो मे क्लस्टर बस चालकों का लाॅकडाउन दौरान दो महीने का बिल्कुल भी वेतन नहीं दिया है।



हालांकि इसके बावजूद दूसरी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को समय से तनख्वाह दे दी है। 18 मई को क्लस्टर बस डिपो मैनेजमेंट ने प्रंदह दिन के अंदर वेतन देने का झूठा वादा किया था। जिसकी समय सीमा तीन जून को पूरा हो गया था। समय बीतने के बाद अब मैनेजमेंट के लोग वेतन देना तो दूर हम लोगों से बात करना भी उचित नहीं समझ रहे। चार बजे से द्वारका सेक्टर 22.क्लस्टर डिपो के बस चालक बुरी तरह से हताश होकर आज से अनिश्चितकाल धरने पर चले गए हैं और कल से छह क्लस्टर बस डिपो चालक जब तक उन्हें दो माह का वेतन नहीं मिल जाता, अनिश्चितकाल धरने पर बैठेंगे, जिसका असली दोषी गैर जिम्मेदाराना बस डिपो का मैनेजमेंट और दिल्ली सरकार होगी।



बता दें लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी प्राइवेट सेक्टर कंपनियों को ऐलान किया था कोई भी अपने कर्मचारियों का वेतन नहीं रोकेगा। अब हम दिल्ली के मुख्यमंत्री से पूछना चाहेंगे, कलस्टर बस चालको को वेतन ना देने पर अपने अधीन काम कर रही कंपनियों पर भयंकर महामारी दौरान सुगमता शैली तहत प्रशासन की नाक के नीचे इन गरीबों-पीड़ितों की मेहनत को पूरी तरह से रौंदा व कूचला जा रहा है, क्या दिल्ली सरकार तुरंत ठोस कार्यवाही करते हुए इन गरीब पीड़ित मेहनतकश लोगों का मेहनताना दिला कर बस क्लस्टर चालकों को उचित न्याय दिला पाएगी ?


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