अर्थव्यवस्था में तेज सुधार की उम्मीदों से सोने की कीमतों में गिरावट


मुंबई : लॉकडाउन संबंधी नियमों में ढील और विश्वभर के कई इंडस्ट्री के दोबोरा शुरू होने के कारण निवेशकों द्वारा जोखिम भरा निवेश किया गया है, जिसके चलते पिछले सप्ताह स्पॉट गोल्ड की कीमत में प्रति आउंस 2.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव के कारण अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदें पर काले बादल छाए हुए हैं, जिसके कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। 


एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के नॉन-एग्री कमोडिटीज एंड करेंसीज के चीफ एनालिस्ट श्री प्रथमेश माल्या ने बताया के कई व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने के कारण अमेरिका में बेरोजगार लोगों की संख्या में कमी देखने को मिली है। हालांकि, अप्रैल 2020 में अमेरिका के व्यापारिक घाटे में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो कोरोना वायरस के बड़े प्रभाव का संकेत दे रहा है और यह बाजार के लिए भारी पड़ सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के निर्यात में कमी इशारा कर रही है कि अर्थव्यवस्था की हालत सुधरने में अपेक्षा से ज्यादा समय लग सकता है। इसके कारण सोने की कीमतों में और गिरावट की आशंका सीमित हो गई है।


स्पॉट सिल्वर की कीमतें गुरूवार को 2.63 फीसदी गिरकर प्रति आउंस 17.4 डॉलर के करीब बंद हुई। एमसीएक्स की कीमत में करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 47,351 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुआ।


वैश्विक मांग बढ़ने की उम्मीदों के चलते बाजार में तेजी देखने को मिली, जिसके कारण पिछले सप्ताह डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। एनर्जी इनफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका में क्रूड ऑयल के भंडार में 21 लाख बैरल की कमी आई है, जिसके कारण क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा देखने को मिला है।


ओपेक और रूस द्वारा कच्चे तेल के अत्यधिक उत्पादन में जुलाई 2020 तक रोक लगाने की सहमति बनने के कारण भी क्रूड ऑयल की कीमतों को बल मिला है। सऊदी अरब ने भी इस समझौते के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी की है।


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