अगर सूर्य ग्रहण के समय नहीं कर पाए और तंत्र पूजा तो गुप्त नवरात्रि में करे भगवती की विशेष आराधना


22 जून से प्रारंभ हो रहा है गुप्त नवरात्रि


मुंबई : सूर्य ग्रहण के बाद 22 जून से आषाढ़ गुप्त नवरात्र शुरू हुआ और इसका समापन 30 जून को होगा।


नवरात्रि आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि की प्रमुख देवियां : गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या (तंत्र साधना) के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।


भगवान विष्णु शयन काल की अवधि के बीच होते हैं तब देव शक्तियां कमजोर होने लगती हैं। उस समय पृथ्वी पर रुद्र, वरुण, यम आदि का प्रकोप बढ़ने लगता है इन विपत्तियों से बचाव के लिए गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना की जाती है।


क्या अंतर है सामान्य और गुप्त नवरात्रि में ?



  • सामान्य नवरात्रि में आमतौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है।

  • वहीं गुप्त नवरात्रि में ज्यादातर तांत्रिक पूजा की जाती है।

  • गुप्त नवरात्रि में आमतौर पर ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं किया जाता, अपनी साधना को गोपनीय रखा जाता है।

  • गुप्त नवरात्रि में किसी विशेष  पूजा  और मनोकामना जितनी ज्यादा गोपनीय होगी, सफलता उतनी ही ज्यादा ओर जल्दी  मिलेगी


गुप्त नवरात्रि में करें सिर्फ ये कार्य, आपके सभी मनोरथ होंगे पूर्ण -


गुप्त नवरात्र में अनेक शुभ योग है। व्यापार में आ रही बार बार बाधाएँ ओर विफलता को कैसे करे दुर........   
किसी ने व्यापारिक स्थान को बंधवा दिया या किसी प्रकार की भुत प्रेत बाधा दोष या नजर टोना टोटका सभी प्रकार के बधंन से मुकित के लिए गुप्त नवरात्रि ऐसी प्रकार की बाधाएँ को दुर करने के लिए कारग्रर उपाय कयोक गुप्त नवरात्रि ये गुप्त रखे जाते है 
गुप्त नवरात्रि में व्यापारिक स्थान पर माँ दुर्गा सप्तशती का बीज मत्रं या वैदिक मत्रं " सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम् " से संपुटित पाठ करवाऐ या हर रोज। पुरे गुप्त नवरात्रि  माँ भगवती के बीज मत्रं या उपर दिये मत्रं की 11 माला से हवन करे या करवाऐ हवन शाम के समय या रात्रि में करवाऐं। हवन के लिए सामग्री के लिए विशेष वस्तु का प्रयोग करें और पुरे नवरात्रि होने के बाद 9 कन्या को भोजन करवाऐ और दक्षिण दे। व्यापार में दिन दुगनी रात चौगनी तरक्की करेगा। ये एक सटीक ऊपाय है, क्युंकि गुप्त नवरात्रि का गुप्त रहस्य है इससे सफलता अवश्य मिलेगी।


व्यापार वृद्धि के लिए उपाय -


5 सफ़ेद कोडी 5 हलदी की गाठ 2 सुपारी और कुछ पैसे लाल कपड़े में बांध कर नवरात्रि मे माँ भगवती से अपनी मनोकामना बोलकर व्यापार स्थान के मंदिर में रखे हर रोज नवरात्रि मे पुजा करे ऊसके बाद नवमी वाले दिन रवि पुष्य व सर्वार्थ सिद्धि योग है उस अपने तिजोरी में रखे अवश्य व्यापार में दिन दुगनी रात चोगनी तरकि होगी सनातन धर्म के अनुसार साल में चार बार नवरात्र आते हैं दो बार गुप्त ओर दो खुले


नौकरी से संबंधी उपाय -


यदि नौकरी  या प्रमोशन संबंधित कार्य में कोई अड़चनें आ रही है तो नवरात्रि मे पहले माता को भोग लगाऐ फिर 9 साल से छोटी कन्या को पुरे नवरात्रि में मिठाई, चॉकलेट बांटे और काले कुते दूध पिलाऐ और भरो बाबा और हनूमान जी का भी मंदिर जाकर आशीर्वाद ले प्रसाद बाँटे आपकी नौकरी समंबधित परेशानी अवश्य दुर होगी।


विवाह में आ रही अड़चनें और बाधाएं कैसे करे दूर-


गुप्त नवरात्र में करें उपाय लड़की के विवाह में आ रही बाधाएँ के लिए पुरे नवरात्र लड़की को माँ गौरी का पूजन करना चाहिए और माँ को लाल चुनरी सहित 16 श्रृंगार अर्पण करे या फिर पति प्राप्ति के लिये मन्त्र - " कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि! नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:। " मत्रं से दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राहमण से करवाऐ। माता से प्रार्थना करें हे माँ मै आपकी शरण में आ गयी मुझे शीघ्र अति शीघ्र सौभाग्य की प्राप्ति हो और मेरी मनोकामना शीघ्र पुरी हो माँ भगवती कि कृपा से अवश्य सफलता प्राप्त होगी।


इस प्रकार लड़के के विवाह में आ रही बाधाएँ दूर करने के उपाय लड़के ने नवरात्र के समय माँ दुर्गा का सोढस उपचार पूजन करे और पुजा में मिठाई पेडा और फल में माता को अनार अर्पण करे या फिर पत्नी प्राप्ति के मत्रं " पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्। तारिणींदुर्गसं सारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥ " से माँ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ किसी योग्य ब्राह्मण से करवाऐ आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी।


राजनीति या कोर्ट के मुकदमा में सफलता के लिए गुप्त नवरात्रि में क्या करे उपाय -


राजनीति करने वाले के लिए इस बार गुप्त नवरात्रि में है राजनीति करने माँ भगवती के तीनों रूप व माँ पितामबरा (बगला मुखी) पुजा पुरे नवरात्रि को रात के समय करनी चाहिए विजय प्राप्ति के लिए माँ भगवती विजय प्राप्ति मत्रं से दुर्गा सप्तशती से संपुटित सतचंडी पाठ व माँ पीताम्बरा का सवा लक्ष जप रात के समय करवाये और माँ भगवती को मिठाई, फल, पंचमेवा भोग लगाये पुजा के समय विजय प्राप्ति यत्रं व माँ बगला मुखी यत्रं अवश्य रखे और हर रोज नवरात्रि में 9 कन्या को जो 9 साल से छोटी हो फल मिठाई व दक्षिणा देवे और कन्याओ के पावं छुकर आशीर्वाद लेवे राजनीति ओर कोर्ट के मुकदमा  में सफलता अवशय प्राप्त होगी।


शत्रु पर विजय प्राप्ति के लिए उपाय -


सर्वबाधा शांति के लिए : " सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम् " इस मत्रं का दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ करवाये या इस मत्रं की 11 माला जाप हर रोज करे बाद में दशांश हवन करे और मा भगवती को पेडा का भोग लगाये।


भय नाशक दुर्गा मंत्र : " सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयेभ्यास्त्रहिनो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते " हर रोज 11 माला जप  करे और माता को अनार और पेडा का भोग लगाये। दशांग से हवन करे सभी प्रकार की भय बाधा दुर होगी।


बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए : " सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः। मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय ! " इस मंत्र से माँ दुर्गा सप्तशती का संपुटित पाठ करवाये। संतान प्राप्ति ,रूका हुआ धन प्राप्ति के लिए सबसे सटीक ऊपाय है। यह योग्य ब्राह्मण से करवाऐ सफलता अवश्य प्राप्त होगी !


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