21 जून रविवार को खंडग्रास सुर्य ग्रहण होगा - स्वामी उमेश काशीनाथ जंगम


रिपोर्ट : रितेश वाघेला


मुंबई : महाराज उमेश काशीनाथ ( जंगम ) ने बताया कि 21 जून 2020 को खंडग्रास सुर्य ग्रहण पूरे भारत मे दिखेगा, जेष्ठ कृ. अमावस्या 21 जून रविवार 2020 यह ग्रहण दिल्ली के हिस्सों में कुरुक्षेत्र, यमुना नगर, जोशी मठ, सूरत गढ़ यह ठिकानों पर कंकणाकृति दिखने वाला है उसके अतिरिक्त संपूर्ण भारत में यह खंडग्रास दिखने वाला है, सुर्य बिंब के अपूर्ण ढकने से खंडग्रास सुर्य ग्रहण होता है। सूर्य ग्रहण के पूर्व सूर्य चन्द्रमा के छाए में आने से सूर्य का प्रकाश धीरे धीरे से न्यून होने आरंभ होता है इसी को वेध लगना कहते हैं।


सुर्य ग्रहण के काल मे पालने का नियम



  • वेध काल में स्नान, देवपूजा, नित्यकर्म, जप,श्राद्ध यह कर्म कर सकते हैं।

  • वेध काल में भोजन निषिद्ध है

  • पानी पीना, मल-मूत्रोत्सर्ग, विश्रांति यह कर्म कर सकते है

  • बालक, अशक्त, बीमार व्यक्ति, गर्भवती स्त्री इन लोगो ने 21 जून 20 इस दिन सुबह 4.45 से ग्रहण मोक्ष तक वेध का पालन करना आवश्यक है।


आरोग्य दृष्टि से वेध नियमों का पालन का महत्व


वेध काल में जिवाणु होते हैं इसी के कारण अन्न जल्दी खराब होता है, इस काल में रोग प्रतिकारक शक्ति न्युन रहती है जिस प्रकार रात का अन्न दूसरे दिन बासी होता है इसी तरह से ग्रहण के पहले बना हुआ अन्न ग्रहण के बाद बासी माना जाता है केवल दूध और पानी इन चीजों पर यह नियम लागू नहीं है, ग्रहण काल में की गई साधना ज्यादा फलदायी माना जाता है।


ग्रहण काल में यह काम वर्ज माने जाते हैं जैसे नींद लेना, मलमूत्र विसर्ज, भोजन, काम विषयक सेवन और ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान करना  जरुरी है।


ग्रहण राषि के अनुसार फल


शुभफल - मेष, सिंह, कन्या, मकर
मिश्रफल - वृषभ, तुला, धनु, कुंभ
अशुभफल - मिथुन, कर्क, वृशिचक, मीन


मिथुन, कर्क, वृशिचक और मीन इन राशि के व्यक्तियों को और गर्भवती महिलाओं को यह ग्रहण नहीं देखना है। यह ग्रहण खुली आंखों से भी नहीं देखे, ग्रहण देखने के लिए वैज्ञानिक विशेष चश्मे का उपयोग करें।


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