दिवंगत साहित्यकार, नाटककार रत्नाकर मतकरी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे दी भावभीनी श्रद्धांजलि


महाराष्ट्र ने अपना साहित्य 'रत्न' खो दिया

 
मुंबई : वयोवृद्ध मराठी साहित्यकार, नाटककार रत्नाकर मतकरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठी में बाल नाटक आंदोलन के प्रणेता दिवंगत रत्नाकर मतकरी के निधन से राज्य ने अपना बहुमूल्य साहित्य रत्न खो दिया।


मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने शोक संदेश में कहा, महाराष्ट्र ने साहित्य और रंगमंच की दुनिया का एक अनमोल रत्न खो दिया है। स्वर्गीय मतकरी ने अपने साहित्य और नाटकों के माध्यम से बच्चों के साथ साथ वयस्कों का भी मनोरंजन किया। महाराष्ट्र के साहित्यिक और नाटक क्षेत्र को समृद्ध करने के साथ साथ उन्होंने हमारी पीढ़ी को मूल्यों का पाठ पढ़ाया।


मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “एक तरफ, कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने के बावजूद, रत्नाकर मतकरी ने ईमानदारी से पाठकों और दर्शकों के मनोरंजन के लिए नित नवीन साहित्य की रचना करते रहे। उनका दुखद निधन निश्चित रूप से हम सबके लिए चौंकाने वाला और राज्य का बहुत बड़ा नुकसान है। नाटक, लघु कथा, उपन्यास जैसे विभिन्न रूपों में उनके बहुमूल्य योगदान ने मराठी साहित्य जगत को समृद्ध किया। महाराष्ट्र का साहित्य 'रत्न' आज हमें छोड़ कर महाप्रयाण कर गया। दिवंगत आत्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।”


मराठी लेखक और नाटककार रत्नाकर मतकरी का 81 वर्ष की आयु में रविवार को देर रात यहां अंधेरी पूर्व के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह कुछ दिन से अस्वस्थ्य चल रहे थे।


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