राज्य में 25 हजार कंपनियों का उत्पादन शुरू, छह लाख कामगार काम पर आए


उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने दी जानकारी


रिपोर्ट : डीएमए डिजिटल डेस्क


मुंबई : कोरोना संकट के चलते समूचे विश्व में उद्योग, व्यापार कारोबार ठप  हो गया है।  राज्य पर भी इसका विपरित परिणाम हुआ है। इस परिस्थिति से संभलने के लिए हालात ऐसे होने पर भी उद्योग विभाग ने कड़े कदम उठाए है, जिससे उद्योग क्षेत्र पूर्व स्थिति पर आ रहा है। रेड़ जोन को छोड़कर इन दिनों में राज्य में ५७ हजार ७४५ उद्योगों को लाइसेन्स दिये गए है और 25 हजार कंपनियों ने उत्पादन शुरू किया है। इसमें तकरीबन साड़ेछह लाख कामगार काम कर रहे है। पश्चिम महाराष्ट्र में ९ हजार १४७ मिलों को लाइसेन्स दिये है, उसमें से ५७७४ कंपनियों ने उत्पादन शुरू किया है।


मराठा चेंबर्स ऑफ कॉमर्स,  इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर, पुणे की ओर से आयोजित वेबिनार में आज उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने यह जानकारी दी।


श्री. देसाई ने कहा कि मुंबई, ठाणे, पुणे, पिंपरी चिंचवड यह परिसर रेड़ जोन में है। हालांकि यहाँ के उद्योग शुरू करने की मांग भी हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री ने मई के अंत तक महाराष्ट्र ग्रीन जोन करने का संकल्प  किया है। इसलिए तब तक सभी सहयोग करें। हमारी लड़ाई कोरोना के साथ है,इसलिए  हमें जल्दी भी नहीं करना चाहिए।


विद्युत बिल में रियायत


श्री. देसाई ने बताया कि स्थिर विद्युत बिल को लेकर उर्जामंत्री के साथ बैठक ली है और जितना विद्युत का उपयोग होगा, उतना ही बिल लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कर्ज की किश्त (हप्ते) वापसी के लिए भी रियायत घोषित की है।


लघु उद्योगों के लिए जल्द ही आर्थिक पॅकेज


राज्य के लघु उद्योगों को संभालने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही आर्थिक पॅकेज घोषित करनेवाली है। उसका काम भी अंतिम चरण में है। इससे संबंधित केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, सदानंद गौडा, पीयुष गोयल के साथ प्रतिदिन चर्चा शुरू होने की बात भी श्री. देसाई ने कहीं। इसके अलावा राज्य सरकार लघु उद्योगों को अन्य सुविधा उपलब्ध कराने के संदर्भ में नीति तय कर रहे है।


विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए चर्चा शुरू


राज्य में विदेशी निवेश हो सके, इसके लिए चर्चा शुरू की गई है। कई देश महाराष्ट्र की ओर इस संदर्भ में जांच कर रहे है। अमेरिका, इंग्लड, जर्मनी, जपान, तैवान, दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे है। आगे राज्य में कई बड़े प्रकल्प शुरू होंगे, इसलिए लघु उद्योगों ने भी सेवा उपलब्ध करने के लिए सज्ज रहना चाहिए।


इस संवाद में उद्योग विभाग के सचिव वेणुगोपाल रेड्डी, एमआयडीसी के सीईओ पी. अन्बलगन आदि उपस्थित थे।


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