प्रार्थना और दुआओं के संगम का दिन
 


✍️  सलिल पांडेय

 

22 मई '20' को मृत्यु के चंगुल से अपने पति सत्यवान को बचाने वाली होगी वट-सावित्री पूजा। महिलाएं पूजा में 'कोरोना रूपी यमराज' के खिलाफ भी भगवान शंकर से प्रार्थना करें।

 

22 मई - शनि- जयंती का दिन : अवांछित धन संग्रह के अलावा खुद से कमजोर को सताने से रुष्ट होते हैं आध्यात्मिक न्यायाधीश शनिदेव। प्रायश्चितमें असहाय की मदद तथा पुनः भूल न करने का कठोर संकल्प लेने पर दंड कम भी करते हैं शनिदेव

 

22 मई '20' माहे रमज़ान का आखिरी ज़ुम्मा (जुम्मा-तुल-अलविदा) नमाज़ में विश्व-व्यापी संकट से बचाने के लिए ख़ुतबा पढ़ते वक्त दुआ करें अल्पसंख्यक समुदाय के लोग ।

 

समूह की प्रार्थना और उससे निकली तरंगें लाभप्रद होंगी ।

 

अंतर्मन से की गई प्रार्थना/दुआ निरर्थक नहीं होतीं ।

 

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