Mumbai : वितरण सामग्री किट में हो रहा है घोटाला !


प्रतीक चित्र


मदद के नाम पर बासमती चावल की जगह नेता खिला रहे है घटिया दर्जे का चावाल


रिपोर्ट : डीएमए डिजिटल डेस्क


मुंबई : लॉक डाउन के दौरान मुंबई करि जनता रोजाना परेशानी कम होने की जगह बढ़ती जा रही है। कहा जा रहा है कि एम-पूर्व मनपा वार्ड के विभिन्न 15 वार्डो में हालात दिन ब दिन हाथों से रेत की भांति सरकती जा रही है। कोरोना के बढ़ते मामलों ने राज्य की महाविकास आघाडी सरकार की, सोचने सामझने की क्षमता जावाब दे गई है। वही दूसरी और रहवासिय क्षेत्रो में पड़ रही भीषण गर्मी की चपेट में आकर आकस्मिक बुखार, खांसी, सर्दी से ग्रस्त 
होकर संक्रामक मौसमी बीमारियों की चपेट में आ चुकी है। गरीब पीड़ित जनता रो रही है।


उल्लेखनीय तौर पर जहां एक तरफ कोरोना का कहर पूरे देश समेत महाराष्ट्र मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में भुखमरी के साथ बीमारी की चपेट से जूझ रही रही है। वहीं "आगे खाई तो पीछे कुँआ" वाली कहावत चरितार्थ होते दिख रही है। राशन लेने के लिये सुबह से खड़ी जरूरत मंद जनता


रश्मी महात्रे के अनुसार कोरोना लॉक डाउन में सबसे अधिक प्रभावितों में झोपड़पट्टी क्षेत्र के रहवासिय है। सूत्रों के अनुसार उसमें से भी जनता को मदद के नाम पर जन प्रतिनिधियों द्वारा जरूरतमंदों के लिये भेजी जाने वाले राहत सामग्री किट में मिलावट का घोटाला करने का मामला उजागर हुआ है। कहा जाता है कि क्षेत्र के राशनिंग दुकानदारों के साथ मिलकर किट बाटने वाले कार्यकर्ता 80 रुपए कीमत के बासमती चावल को निकालकर घटिया दर्जे का चवाल किट में भरकर जनता के बीच किट का वितरण कर रहे है।


सूत्रों के अनुसार एम-पूर्व मानखुर्द मंडाला वार्ड क्रमांक 135- के एकता नगर के दो राशन दुकानदारों, राशन दुकान क्रमांक रोड नंबर 1- 178 राजाराम यादव, दूसरा बाथरूम वाले रोड पर दुकान क्रमांक 238 पाल दुकानदार द्वारा अबु असीम आज़मी की जरूरत मंद जनता को वितरित किया जाने वाला राशन के किट से बासमती, कोलम चावाल निकालकर राशन का एन. पीएच. इतना ही नही कहा जाता है कि आधे से अधिक सामान गायब पाया जा रहा है। जैसे चना, दाल, कॉलम/बासमती चावल की जगह राशन का चावल रात को मिलाकर सुबह झोपड़पट्टी की जनता को मिश्रित वितरण किया जा रहा है। रजनी सकपाल नामक महिला ने कहा कि मैंने भी लाया राशन का चावल बहुत घटिया दर्जे का है। खाने में पत्तर अधिक मिल रहे है। वही जुलेखा नामक किट के लिये लाइन लगाई महिला ने कहा कि अगर अबु असीम आज़मी चाह ले कि कोई भूखा नहीं मरेगा तो उनके लिये कोई बड़ीबात नहीं है। क्योंकि पैसे वाला विधायको की लिस्ट में अबू असीम आज़मी का नाम आता है। परंतु कार्यकर्ता आज़मी के अच्छे कामो को बट्टा लगा रहे है। जिससे क्षेत्र में लॉक डाउन के दौरान किये गये जरूरत मंद जनता की गई मदद की चर्चा नहीं रही है ।


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