Mumbai : प्रवासी मजदूर चले भगवान भरोसे 



  • भूखे प्यासे कर रहे है हजारों किलोमीटर से भी ज्यादा लम्बा तय सफर

  • प्रवासी मजदूर हो रहे हैं ट्रक संचालक के  ठगी का शिकार


रिपोर्ट : शकील शेख


मुंबई : कॅरोना वायरस (covid-19) वैश्विक महामारी के कारण समस्त संसार त्रस्त है। भारत में भी इस बीमारी ने अब तक हजारों से भी ज्यादा लोगों को निगल चुका है और प्रति दिन बीमारो की संख्या बढ़ती जा रही है। कॅरोना वायरस महामारी से बचने के लिए सरकार ने लॉक डाउन अपनाया।


लॉक डाउन के कारण सारे रोजगार ठप हो गए, ऐसे में प्रवासी मजदूरों के रहने और खाने की समस्या उत्पन्न हो गई, हालांकि केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों ने प्रवासी मजदूरों को मुफ्त भोजन देने का निर्णय लिया और महानगर पालिका भोजन मुहैया कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।


जैसे जैसे दिन बीतने लगा वैसे वैसे लोगोँ की परेशानिया बढ़ने लगी, ऐसे में प्रवासी मजदूरों की मदत के लिए स्थानिक संगठनों ने अपना हाथ बढ़ाया और केंद्र, राज्य सरकारों व महानगर पालिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिस संगठन से जैसा हो सका मदत करने लगे। लेकिन काम और रोजगार बन्द होने के कारण प्रवासी मजदूर अपने गांव घर जाना चाहते है।



जिसको जैसा साधन मिला वो वैसे चल पड़ा,जिनके पास रुपये नहीं वो पैदल चल पड़े जिनके पास सायकल है वो सायकल के सहारे अपना परिवार लेकर चल पड़े और जिनके पास कुछ रुपये है वो जल्दी घर पहुँचने के लिए दूसरे साधन ढूढने लगे।


प्रवासी मजदूरों की इसी कमजोरी को ध्यान में रखकर ट्रक संचालकों ने दोनों हाथों से मौके को लपक लिया और प्रवासी मजदूरों को उनके जिला गांव तक पहुचाने के लिए 2500 से 3000 रुपये वसूलने लगे। ट्रक संचालको ने रुपये कमाने के चक्कर में कानून को ताख पर रखकर सामाजिक दूरी का खुला उलंघन करने लगे,और आज भी ट्रक संचालक मुहमांगी कीमत वसूल रहे है।


देश के कोने कोने से प्रवासी मजदूर पलायन कर रहे है रोजगार, काम,धंधा बंद होने के कारण ये किसी भी तरीके से अपने घर जाना चाहते है, बस फिर क्या ट्रक संचालको की नजर गिद्ध की तरह पड़ी और मजबूरी का फायदा उठा कर रुपये कमाने के लिए मैदान मे कूद पड़े, और ट्रक में पचास साठ प्रवासी मजदूरों को भेड़ बकरी की तरह भरकर खुलेआम सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) लॉक डाउन का उलंघन करने लगे, यदि केंद्र और राज्य सरकारें इस प्रकार की हो रही गतिविधियों पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाये तो प्रवासी मजदूर इनके ठगी का शिकार तो होंगे ही साथ ही साथ कॅरोना वायरस भयंकर बीमारी को फैलाने में ट्रक संचालकों का अहम योगदान होगा


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