Mumbai : भुखमरी बढ़ने के चलते, वितरण को कम पड़ रही है राहत सामग्री



  • राज्य सरकार बंद राशन कार्ड, बगैर राशन कार्ड वालों को भी मुहैया करवाये राशन

  • लॉक डाउन में किसी को भूखा नहीं रहने दूंगा-बबलू खान


रिपोर्ट : डीएमए डिजिटल डेस्क


मुंबई : जैसे-जैसे लॉक डाउन बढ़ रहा है, भुखमरी के कगार पर पहुंच चुकी है जनता। इस बात का खुलासा मुंबई से जाने वाले प्रवासियों से प्रकाश में आया है। कहा जाता है कि लॉक डाउन बढ़ने के कारण लोगों के घरों में खाने का राशन नहीं बचा है।पुलिस स्टेशनों के बाहर उत्तर भारत की और जाने वाले प्रवासी सुरेश पांडेय नामक, मुंबई में कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाला मजदूर वर्तमान में लॉक डाउन में बेरोजगार होने के भूख मिटाने के लिये खिचड़ी से पेट नहीं भर रहा है, जबकि हम कहाँ से लाये पैसा हमारे पास गांवो जाने को कुछ रकम बची है उसी से गांवों जा रहे है। वहीं दक्ष नागरिकों का ऐसा मानना है कि जब तक राज्य की उद्धाव सरकार की और से बंद राशन कार्डों को चालू नहीं किया जायेगा, बगैर राशनकार्ड वालों को भी जब तक सरकार राशन उपलब्ध नहीं करवाती तब तक जनप्रतिनिधियों द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा किट अधूरा है।


उल्लेखनीय तौर पर दिन ब दिन बढ़ती भुखमरी के कगार पर बढ़ती जनता की जनसंख्या के हिसाब से राशन कीटों की संख्या बढ़ाया जाना चाहिये। वार्ड क्रमांक -135 के सपा वार्ड अध्य्क्ष बबलू खान ने पत्रकार से बताया कि शिवाजीनगर मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र के विधायक अबु असीम आज़मी रोजाना अपने रफीक नगर कैंटीन से 40 हजार भूखे जरूरत मंदो को खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। विधानसभा के 15 वार्डो में से हर वार्डो में जरूरत के हिसाब से पका हुआ खाना पुलाव, दाल चावल जनता के बीच पहुंचाया जा रहा है। वहीं दो दिन पूर्व जिन लोगों को पका हुआ खाना नहीं चलता जरूरत मंदो के लिये राशन का किट का वितरण अभी एक ट्रक में राशन मंगवा कर हर एक रहवासिय क्षेत्र में 25 का किट बनाकर वितरण किया गया है। जिसका जरूरत मंद द्वारा राहत सामग्री पाये जाने के सबूत के तौर पर उसका आधार कार्ड का फोटो कॉपी जमा करवाते है। इतना ही नहीं रोजाना आफिस से खाना ले जाने वाले जरूरतमंदों को लिस्ट की सूची बुक में दर्ज किया जाता है।बबलू खान के अनुसार आधिकारिक तौर पर मानखुर्द मंडाला की जनसंख्या तकरीबन 36 हजार है, वहीं अनाधिकारिक तौर पर ऑफ द रिकॉर्ड लगभग 50 हजार के ऊपर है। अब 50 हजार की एक वार्ड में जनसंख्या के बीच 25 राशन का किट क्या माने रखता है। बबलू खान ने जनता से अपील किया है कि जिस किसी को राहत सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है, उसे में भूखा नहीं रहने दूंगा, पका हुआ खाना से लेकर हर सहयोग सरकारी लॉक डाउन चलने तक करते रहेंगे। जिस किसी को भी खाना वगैरा को लेकर हो, बगैर शर्म के मुझसे आकर शिकायत कर सकता है। उसकी शिकायत पर अमल किया जायेगा। वहीं रही बात खाने का पैकेट व राशन किट की मात्रा जरूरत मंद की संख्या के हिसाब से बढ़ाई जानी चाहिए। जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक भोजन सामग्री सहित राशन पहुंचाया जा सके।


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