Mumbai : अस्पतालों के बाहर, बगैर इलाज के तड़प तड़प कर मरते कोरोना मरीजों की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर बिफरी भाजपा विधायिका मनीषा चौधरी


रिपोर्ट : यशपाल शर्मा


मुंबई : महानगर के सायन अस्पतालों की घटनाओ की पुनरावृत्ति मुंबई उपनगर के राजावाड़ी अस्पताल में जनरल वार्ड में कोरोना मरीज की लाश नार्मल मरीजों के बीच रखने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि दूसरी और एक कोरोना संक्रमित पोजेटिव मरीज को अस्पताल प्रशासन द्वारा 10 घंटे का लंबा इंतजार करवाने के बाद भी नहीं एडमिट करने के कारण रात 1.30 बजे उसकी मौत हो गयी। मुंबई के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की अचानक एक पखवाड़े में हुई बढ़ोतरी ने मुंबई के सारे अस्पतालों के बेड भर दिया है। जिसके कारण कोरोना मरीजों को अस्पतालों में एडमिट नहीं किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप अस्पताल में बगैर एडमिट किये बिना ही कोरोना मरीजों की अस्पताल परिसर के बाहर बढ़ती मौतों ने राज्य सरकार की कोरोना लड़ाई को लेकर तैयार किये गये 6 हजार बेड की व्यवस्था की हवा निकाल कर रख दिया है। इसके साथ कहा जाता है कि मुंबई के सरकारी अस्पतालों में लाचार स्वस्थ व्यवस्था की जहां पोल खोलकर रख दिया है।


परिणाम स्वरूप मुंबई की दहिसर विधानसभा क्षेत्र की बीजेपी विधायिका मनीषा चौधरी ने राज्य सरकार और उनकी स्वस्थ सेवा को लेकर बरस पड़ी। मुंबई महापालिका का 3 हजार करोड़ का बजट मुंबई मनपा का 100 प्रतिशत लगा नहीं, आज कोरोना महामारी में जब मरीजों की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है। अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिये बेड कम पड़ रहे है, तो राज्य सरकार का स्वस्थ विभाग आखिर कब खर्च करेगा। मुंबई मनपा का 3 हजार करोड़ का सरकारी स्वस्थ बजट की राशि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिये। जिसके कारण मुंबई कर तड़प तड़प कर मुंबई महानगर देश की आर्थीक राजधानी कही जाने वाली मुंबई महानगर के अस्पतालों में बढ़ती मौते थमने का नाम नहीं ले रही है।


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