Mirzapur : वरदान साबित हुई आशा संगिनी संगीता


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : जनस्वास्थ्य सुविधाएं अगर बेहतर तरीके से सुदूर क्षेत्रों में काफी सुविधा प्रदान की जा  रही हैं तो कहीं न कहीं धरातल पर उसको सही तरीके से  पहुंचाने वाले वहां के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार में पिछले 16 वर्षों से आशा संगिनी के पद पर कार्यरत है। इनका परिवार मध्यम श्रेणी का परिवार है। इनके तीन बच्चे है। इनका कार्य अत्यन्त सराहनीय प्रशंसनीय रहा है। ये चुनार क्षेत्र में महिलाओं के होने वाले प्रसव में निशुल्क रूप से कार्य करती है और जरूरत पड़ने पर उनको आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है।


जब आशा को गांववालों ने गांव में घुसने नहीं दिया 


आशा संगिनी अपने क्षेत्र कन्हईपुर में जब डोर-टू--डोर कोरोना को लेकर जग जागरूक करने का कार्य कर रही थी। तब उनको पता चला कि गांव में बम्बई में रहने वाले चार से पांच व्यक्ति आये हुए है तब संगीता ने उनसे सम्पर्क किया और पूछा कि आप गांव में आने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण कराया है। तो उन्होने कहा कि इसकी जानकारी मुझे नहीं  है तक उनको लेकर वह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंची।  वहां पर उपस्थिति डाक्टरों द्वारा उसने उन चारों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया और उनको 14 दिन का क्वारंटाइन  में रखा गया। उसके बाद जब आशा संगिनी गांव लौटी तब उसको गांव में घुसने नहीं  दिया गया। तब वह उन प्रवासी की  जांच  रिपोर्ट दिखाकर समझा बुझाकर किसी तरह गांव के पंचायत भवन पर पहुंची। तब गांव के लोगों ने उसका रास्ता रोका व लाठी-डण्डा तक लेकर उसको मारने के लिए दौड़ाया । तब संगीता ने काफी कठिनाईयों का सामना करते हुए 100 नं0 की पुलिस का सहारा लिया। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 नीलेश श्रीवास्तव के संज्ञान में यह बात आते ही उन्होने सारे मामले की जानकारी लेकर आशा संगिनी संगीता के साथ कन्हईपुर गांव पहुंचे और ग्रामीण वासियों को कोविड-19 से होने वाले परेशानियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया और उससे बचने के साधन भी बताये और कहा कि कोविड-19 के लिए बाहर से आये हुए ग्रामीण युवकों का चिकित्सकीय परीक्षण के लिए संगीता की जितनी प्रशंसा की जाये वह कम है उसको देखकर रास्ता बदलने की जरूरत नही है। बल्कि उसके इस कार्य में सहयोग करने की जरूरत है अगर कोई गांव में बाहर से आता है तो उससे दूर से ही बात करें और उसके सम्पर्क में कोई ग्रामीण आता है तो उससे बचने की अत्यन्त आवश्यकता है। आशा संगिनी को उसके इस कार्य को साहसिक कार्य बताते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्यधिक प्रंशसा किया गया उसको इसके पहले भी कई कार्यों  के लिए जिले व प्रदेश स्तर पर भी सम्मानित किया जा चुका है।


Comments