Mirzapur : जिले में नहीं बंटेगा डिब्बा बन्द आहार 


फैसला 
• बाल विकास विभाग ने कृत्रिम आहार पर लगाया प्रतिबन्ध 
• विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाव पर लिया गया फैसला


रिपोर्ट : टी.सी.विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोविड 19 महामारी को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य को गम्भीरता से लेते हुए बाल विकास ने अब डिब्बा बन्द व कृत्रिम आहार के वितरण पर पूर्णत प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाव को मानते हुए विभाग ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।


बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबन्धक पी0के0सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को सुझाव को मानते हुए विभाग ने जिले के 2668 आंगनबाड़ी केन्द्रों  पर डिब्बा बन्द एवं कृत्रिम आहार वितरण पर पूर्ण रोक लगा दिया गया है। इस लाकडाउन के दौरान ऐसे निर्माता कंपनियों, स्वयंसेवी संस्थाओ और संगठन मिलकर गर्भवती और धात्री महिलाओं के बीच डिब्बा बन्द व कृत्रिम आहार का वितरण किया जा रहा है। इसको देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने बताया कि इससे माहिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता अत्यन्त कमजोर हो जाती है। ऐसे महिलाओं में संक्रमित होने का खतरा अत्यधिक बना रहता है।


इसी को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के 14 बाल विकास परियोजना अधिकारी व जनपद के सभी 2668 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरण पर रोक लगाने को निर्देशित किया गया है कि  विश्व संगठन को मानना है कि बन्द डिब्बा दूध का सेवन करने से 6 माह से कम उम्र वाले बच्चों में संक्रमित होने की आंशका बनी रहती है। इसके लिए निदेशक शत्रुधन सिंह ने पत्र के माध्यम से जनपद के जिलाधिकारी व जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र के माध्यम से शनिवार को अवगत करा चुके है। 
ये है प्रतिबन्ध



  1. गर्भवती एवं धात्री महिलाओं एवं उनके परिवारों को मुफत सैंपल, दूध की बोतल एवं कृत्रिम आहार देने पर प्रतिबन्ध

  2. दो वर्ष के आयु तक के बच्चों के लिए डिब्बा बन्द दूध कृत्रिम शिशु के आहार के प्रोत्साहन पर प्रतिबन्ध

  3. गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्तनपान सम्बन्धी उचित स्वास्थ्य एवं पोषण की शिक्षा/परामर्श देना

  4. किसी भी प्रसार के माध्यम से कर्मिशयल शिशु के आहार को दूसरे विकल्प के रूप में प्रचारित करना वर्जित है।

  5. स्वास्थ्य एवं पोषण संस्थाओं को इस कम्पनियों द्वारा किसी भी प्रकार का डोनेशन देने पर भी प्रतिबन्ध लगाया गया है।


 


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