Mirzapur : जगदंबा ले रहीं 'जगदंबा' का इम्तहान


काम करने वालों को विपरीत हालत में मिलता है आनन्द, जबकि अलहदी रोते रहते हैं रोना


रिपोर्ट : सलील पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : 


जगदम्बा मां विंध्यवासिनी के धाम में असली परीक्षा जगदम्बा की ही हो रही है। आग में सोना तपा कर चमकाने के फार्मूले को साकार होते देखा जा रहा है।


शनिवार को खड़ी यात्रियों को लेकर अहमदाबाद से दोपहरिया 1:16 पर ट्रेन आई। प्लेटफार्म पर परीक्षण, लिस्टिंग, लंच पैकेट, पानी देकर यात्रियों को प्लेटफार्म के बाहर खड़ी बस पर भेजे जाने की व्यवस्था है। यहीं जगदम्बा कड़ा इम्तिहान दे रहे हैं।


जिज्ञासा ? ये कौन हैं जगदम्बा - स्वाभाविक है मन में जिज्ञासा उत्पन्न होगी कि ये जगदंबा कौन हैं ? तो सभी जानते हैं कि यहां के सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह हैं। वे प्लेटफार्म के बाहर माइक लेकर एनाउंसमेंट करते हुए यात्रियों को उनके निर्धारित बस में बैठाने में लगे थे। धूप कह रही है कि 'हमसे ज्यादा प्रतापी कौन है ?' तो नगर मजिस्ट्रेट श्री सिंह इसकी परवाह न कर मोर्चे पर डटे हुए थे।


काम करने वालों को आनन्द आता है - विपरीत परिस्थितियों में काम करने वालों को तो आनन्द आता है जबकि जो अलहदी (आलसी) होते हैं वे कभी मौसम का रोना, कभी निजी परिस्थितियों का रोना रोते रहते हैं। दर असल डीएम सुशील कुमार पटेल की रीति-नीति से परिचित उनका स्टाफ कोरोना मैटर में घुस के वार करने में आगे महीनों से देखा जा रहा है।


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