Mirzapur : बाढ़ से बचाव की तैयारियां पहले से ही कर लेने का डीएम ने दिया अधिकारियों को निर्देश


० जनपद में बनायी जायेगी 37 बाढ़ चौकियां


रिपोर्ट : डीएमए डिजिटल डेस्क


मिर्जापुर : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल मेंं स्थित जनपद मिर्जापुर के जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार मे बाढ़ प्रबन्धन योजना वर्ष-2020 की तैयारी के सम्बन्ध फ्लड स्टीयरिंग समिति की बैठक आहूत की गयी। जिसमें जनपद में बाढ़ के समय बचाव के लिये आवश्यक प्रबन्ध किया जा सके। इस अवसर पर बताया गया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में फ्लड स्टीयरिंग कमेटी का गठन कर लिया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बाढ़ राहत अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत, अधिशाषी अभियन्ता एवं समन्वयक अधिकारी बाढ़ के अलावा अधिशाषी अभियन्ता जलनिगम सदस्य नामित किये गये हैं।


जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी को निर्देशित किया कि वे जून के प्रथम सप्ताह तक अपने-अपने क्षेत्र के नालियों व नालों की सफाई प्रत्येक दशा में सुनिश्चत करा ले, ताकि कहीं वर्षा के कारण जलजमाव न होने पाये और वर्षा का पानी सुगमता से निकल जाय। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी चुनार व सदर को भी निर्देशित करते हुये कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये ऐसी जगहों को चिन्हित कर जन निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करायें, इसके अलावा अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई खण्ड चुनार भी ड्रेनो की सफाई शीघ्र करा लें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर तथा सिंचाई विभाग फतहां में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष खोला जाये तथा संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाये जो आगामी 15 जून 2020 से 31 अक्टूबर 2020 तक दिन रात 24 घंटा कार्य करेगा तथा वहां पर 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जायें।


जिलाधिकारी ने सम्बंधित उप जिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के लिये शेल्डर होम पहले से ही चिन्हित कर ली जाये, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को वहां पर सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने शेल्डर होम में खाना बनाने, शौचालय, पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था पहले से कर ली जाये। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों व बाजारों में नालियों की सफाई, मच्छर रोधक दवाइयों का छिड़काव अभी से प्रारम्भ करा दिया जाये। विद्युत विभाग बाढ़ वाले क्षेत्रों में ढीले विद्यत तारों का टाइट करा लें तथा जो खम्भे सही न हो उस दुरूस्त करा लिया जाये। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पशुओं के लिये पर्याप्त मात्रा में चारा की व्यवस्था तथा बाढ़ से बचाव हेतु स्थल का चिन्हाकन कर लें। अपर जिलाधिकारी व अपर मुख्य अधिकारी नावों, गोताखोर तथा उनका मोबाइल नम्बर, महाजाल, घाट दरोगा, गैग मैन, आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करायेगें। इसी प्रकार बाढ़ राहत चौकियों पर राहत सामग्री ले जाने वाले मार्गो की बाढ़ से पूर्व मरम्मत एवं नावों का परीक्षण, कुशल नाविको की ड्यूटी आदि सुनिश्चित करा लें।


शान्ति व्यवस्था के लिये अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पाण्डये से कहा कि बाढ़ राहत केन्द्रों, शरणालयों एवं बाढ़ चौकियों पर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जायगी। यह भी कहा कि बाढ़ से क्षति आकलन का कार्य जिला कृषि अधिकारी द्वारा किया जायेगा तथा फसल से क्षति का विवरण अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को प्रतिदिन उपलब्ध करायेगें। इसी प्रकार मुख्य चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के दृष्टीगत पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाओं की व्यवस्था तथा बाढ़ चौकियों पर चिकित्साकों की तैनाती सुनिश्चित करेगें। खोजबीन व बचाव कैपसिटी बिलींग प्रोग्राम के अन्तर्गत खोज एवं बचाव सम्बंधी उपकरण यथा- सर्चलाइट, लाइफ जैकेट, मेंगा फोन, फोल्डेबुल स्ट्रेचर, फस्ट एण्ड किट, सेफ्टी हेलमेट, फायर एक्सटिनग्यूसर, जरीकेन आदि की व्यवस्था कराकर अपर जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी चुनार व सदर को उपलब्ध करायेगें ताकि बाढ़ आने पर स्थिति में उसका प्रभावी उपयोग किया जा सके।


इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0/प्रभारी दैवीय आपदा अधिकारी यूपी सिंह ने जिलाधिकारी को बताया कि जनपद में जनपद में कुल 10 प्रमुख नदियां हैं जिनमें तहसील लालगंज में बेलन नदी, बकहर नदी, अदवा नदी, घोरी नदी तथा सुखनई नदी, तहसील चुनार में जरगो नदी, गरई नदी एवं पहिती नदी, तहसील मड़िहान में खजुरी नदी तथा तहसील सदर में एवं चुनार में गंगा नदी है। बाढ़ से निपटने के लिये जनपद में कुल 37 बाढ़ चौकयां स्थापित की जाती है जिस पर निगरानी एवं बचाव के लिये 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जाती है। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव के लिये जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष जिसका दूरभाष संख्या- 05442-256552 है तथा बाढ़ नियंत्रण कक्ष सिंचाई विभाग फतहां के नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या- 05442-252589 है।


इन नियंत्रण कक्षों में 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी जिनमें एक जूनियर इंजीनियर, एक तारबाबू, एक लिपिक, दो चपरासी, दो धावक कार्यरत रहेगें। इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर वायरलेस लगाया जाता है। जिससे बाढ़ से सम्बन्धित सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यवाही की जाती है। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ओ0पी0 तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पाण्डेय, उपजिलाधिकारी चुनार जितेन्द्र कुमार, अधिशाषी अभियन्ता, सिंचाई, जलनिगम, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, सभी नगर पालिकाओं के ई0ओ0 के अलावा अन्य सभी सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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