लोगों को नई तरह की साधारण ज़िंदगी के लिए तैयार करने के लिए कोटक महिन्द्रा बैंक ने जारी किया एक गाना


मुंबई : कोरोना वायरस महामारी की वजह से लगाया गया देशव्यापी लॉक डाउन अब चरणबद्ध ढंग से खोला जा रहा है। ऐसे में भारतीय लोगों को सुरक्षित, विचारपूर्ण और सहानुभूति युक्त जीवन जीने की तैयारी में मदद के लिए कोटक महिन्द्रा बैंक ने आज एक गाना जारी करने की घोषणा की है। इस गाने के बोल हैं- ’’ओ जज़्बाती भारत वासी, मन की लगाम को आज तू कस ले.... तेरे चरण कमल काबू में रख ले’’। हल्का-फुल्का और खुशनुमा, यह गीत थोड़ा धीमा होने, संयम बरतने और इस संकट से सीखने के महत्व कोअभिव्यक्त करता है।


एक ऐनिमेटिड वीडियो परवॉइस ओवरगीत को संगीत बद्ध किया है जाने माने संगीतकार और म्यूज़िक प्रोड्यूसर रामसम्पथ ने तथा लिखा व गाया है तीन बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गीतकार-अभिनेता स्वानंद किर किरे ने वीडियो संकल्पना कार्ट व्हील क्रिएटिव कंसलटेंसी की है तथा ऐनिमेशन डिजाइन किया है प्लैंकटन कलेक्टिवने।


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इस ऐनिमेशन के केन्द्रीय पात्र हैं सावधान सिंग और विश्राम सिंग। ’’ओ जज़्बाती भारत वासी, मन की लगाम को आज तू कस ले.... तेरे चरण कमल काबू में रख ले’’ गीत गाते हुए ये दोनों पात्र भारतीयों को समझाते हैं कि थोड़े धीमे हो जाओ, कुदरत जो संकेत दे रही है उन पर ध्यान दो और हमें जो दूसरा मौका दिया गया है उसके शुक्रगुज़ार बनो। इस ऐनिमेटिड फिल्म में दिखाया गया है कि पुरुष व महिलाएं, लड़के और लड़कियां सभी लॉकडॉउन से जूझ रहे हैं और फिर उसकी खूबियों को समझ रहे हैं। हालांकि ये सब लोग बाहर घूमना-फिरना चाहते हैं किंतु सावधान सिंग और विश्राम सिंग उनसे कहते हैं कि ’’समझदार बनो, मजबूत बनो और अपनी इच्छा को नियंत्रण में रखो।’’


कोटक महिन्द्रा ग्रुप के प्रेसिडेंट व चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, कार्ती मार्शन ने कहा, ’’हम इस  ’न्यूनॉर्मल’ वातावरण में अपने जीवन को पुनः शुरु करने के लिए तैयार हो रहे हैं। ऐसेमेंहमारास्वाभाविक व्यवहार यह होता है कि हमने जहां छोड़ा था वहीं से शुरु करें और लॉकडाउन से पहले हम जैसा जीवन जिया करते थे वैसा ही जीवन जियें। लेकिन यह न केवल हमारे परिवार व प्रियजनों के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए बहुत ही असुरक्षित हो जाएगा।इस खुशनुमा औरउत्साहवर्धक गीत के जरिए कोटक यह संदेश दे रहा है कि हम सभी को अपनी सीखों के साथ ज्यादा समझदार बनना चाहिए और सोशल डिस्टेंसिंग व उन सभीसुरक्षा नियमोंकापालनकरनाचाहिए. जिनकी वजह से हम लॉकडाउन के दौरान सुरक्षित व जीवित रहे। हमारा उद्देश्य सकारात्मकता फैलाना और यह संदेश देना है कि भले ही हालात कठिन हैं किंतु एक जुट होकर, एक दूजे का ख्याल रखकर हम मानव सभ्यता के इस सब से बड़े संकट से उभर सकते हैं।’’
 


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