लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में निफ्टी और सेंसेक्स में हुई बढ़त


मुंबई : भारतीय बाजार शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन चढ़े और सकारात्मक नोट पर बंद हुए। सेंसेक्स 223.51 अंक या 0.69% की बढ़त के साथ 32424.10 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 90.20 अंक या 0.95% की तेजी के साथ 9580.30 पर बंद हुआ था। आईटी को छोड़कर, अन्य क्षेत्रों के सूचकांक 1-2% के बीच बढ़त के साथ बंद हुए।


एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के प्रमुख सलाहकार श्री अमर देव सिंह ने बताया के शुक्रवार के कारोबार में 1390 शेयर के मूल्य में वृद्धि हुई, जबकि 924 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयर का मूल्य अपरिवर्तित रहा। टॉप गेनर्स में ओएनजीसी (5.14%), बजाज-ऑटो (4.15%), सन फार्मा (3.88%), आईटीसी (3.38%), और हीरो मोटोकॉर्प (3.08%) थे। सेंसेक्स में टॉप लूजर्स में कोटक बैंक (0.38%), एक्सिस बैंक (1.96%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (0.51%), टाइटन (1.02%), एमएंडएम (0.83%), और टीसीएस (1.68%) शामिल हैं। रैली में व्यापक बाजार सूचकांक भी शामिल हुए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स दोनों आज के कारोबार में क्रमश: 13,273 और 4,002.80 के स्तर पर पहुंच गए।


प्रमुख कंपनियों में सबसे बड़ा इंट्रा-डे गेनर वोडाफोन-आइडिया का शेयर था, जो कि विदेशी प्रकाशन में गूगल की कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने पर नजर की खबर के बाद 35% बढ़ गया था। पिछले एक साल से स्टॉक पर भारत में कंपनी के दिवालिएपन के लिए फाइलिंग करने का दबाव था। इसके अलावा बढ़ने


वाले स्टॉक्स में विप्रो 6.65 प्रतिशत बढ़कर 212.55 रुपए पर पहुंचा। कंपनी ने थिएरी डेलापोर्टे को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर घोषित किया है।


अन्य शेयरों में डॉ रेड्डीज लैब (4.02%), जेबी केमिकल्स और फार्मास्यूटिकल्स (3.67%), और दिवी’ज लैब (3.46%) ऊपर चढ़े। सुवेन लाइफ साइंसेज 4% (3.96%), अल्केम लैब्स (3.03%) और आरती इंडस्ट्रीज (1.10%) में गिरावट आई। फ्यूचर कंज्यूमर ने 5% (4.68%) और कोलगेट ने 3% (3.18%)


की बढ़त हासिल की। कोविड-19 की वजह से प्रभावित शेयरों को भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि डेटा साबित करता है कि 24 मार्च से बीएसई-500 के हर पांच में से तीन शेयर कमजोर हुए हैं।


ग्लोबल मार्केट में गिरावट:


वैश्विक शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट हुई क्योंकि निवेशकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन पर प्रतिक्रिया का इंतजार किया क्योंकि समाचार रिपोर्टों ने यह कहा था कि ट्रम्प एशियाई देश के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के कदमों की घोषणा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। यह हांगकांग पर चीन की ओर से जारी नए कानून को लेकर था। यूएस-चीन के बीच जारी तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों के और प्रभावित होने की संभावना है।


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