कोरोना से लड़ने में स्वास्थ्य विभाग की नई रणनीति



  • गायत्री परिवार व्यापक यज्ञ-हवन कराए, ऐसी मांग जनता की हो रही है


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : तीन तीन पर्वों (वटसावित्री व्रत, शनिजयंती और अलविदा जुम्मा) की 22 मई की पूर्व संध्या विंध्याचल मण्डल के लिए हर्षाने वाली यह थी कि 52 शक्तिपीठों की तरह जिले में 52 लोगों को अपूर्व शक्ति मिली लिहाजा वे कोरोना के चंगुल से अपने को मुक्त कराकर निगेटिव रिपोर्ट से निश्चिन्त हो गए । इन लोगों की पहली रिपोर्ट ही शुभकारी रही । मात्र एक ही रॉजगढ़ का पॉजिटिव था। 


शाम खुशनुमा क्यों हो गई? - स्वास्थ्य विभाग सहित पूरे मन्डल का स्वास्थ्य इसलिए 21 मई को 21 रहा क्योंकि मण्डल के पड़ोसी जिले जौनपुर में एक साथ सुरसा के 'सोरह जोजन मुख तेहि ठयऊं...' की तरह 16 लोग कोरोना पॉजिटिव के मुंह में दबोचा गए । पीजीआई के ऑनलाइन रिपोर्टों में यहां के भी डॉक्टरों की तब धुकधुकी बढ़ जा रही थी, जब कुछ जिले अर्धशतक 50 की साझेदारी करते दिख रहे थे ।


इन रिपोर्टों से चौकन्ना हुआ विभाग - जब इस तरह कोरोना जीवन के साथ कबड्डी करता दिखा तब स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति फौरन बदल दी । शेम्फोर्ड के बाद अन्य प्राइवेट स्कूलों को क्वारन्टीन सेंटर बनाने का प्रपोजल तैयार किया जाने लगा ।  साथ ही एक प्रस्ताव यह भी बनाया गया कि जिले में आइसोलेट किए गए भदोही और सोनभद्र का कोई मरीज पॉजिटिव निकलता है तो उसे उसी जिले में रखा जाए । जैसे यहां विंध्याचल में CHC को पॉजिटिव मरीजों का उपचार केंद्र बनाया गया है, वैसे उक्त जिलों में भी व्यवस्था हो । हलांकि इस तरह के प्रस्तावों पर मुहर लखनऊ ही लगाएगा ।


लस्त-पस्त है स्वास्थ्य विभाग - पिछले 2 माह से सुबह होने से देर रात तक कोरोना-कोरोना होते रहने के कारण विभाग लस्त-पस्त है। संबंधित स्टाफ टेलीफोन रिसिभ करने में चकरा जा रहा है।  कुछ फोन तो व्यवस्था संबंधित होते हैं तो न जाने कितने फोन कितने पॉजिटिव और निगेटिव जानने की पूछताछ में ।


घर-घर में हो यज्ञ-अनुष्ठान - मेडिकल विशेषज्ञ तक मानने लगे हैं कि यदि गायत्री मंत्र का जप और यज्ञ-हवन हो तो उसका सकारात्मक असर पड़ेगा।  जिले में दो शाखाएं गायत्री परिवार की हैं।  एक फ़तहाँ मे है जिसके मुख्य प्रभारी श्री लक्ष्मीकांत मिश्र हैं तो दूसरी शाखा ओझला के वामन घाट पर जिसके प्रभारी श्री सालिक राम मौर्य हैं । इन दोनों शाखा प्रभारी कोरोना लड़ाई में मंत्र-शक्ति के साथ कूद पड़े तथा सोशल डिस्टेंसिंग के माहौल में अपने सदस्यों के घर-घर हवन कराएं तो देखादेखी अन्य लोग भी ऐसा करेंगे । इस प्रयोग से भरोसा है कि विंध्यधाम से ही कोरोना को चित्त कर देने के प्रयास की शुरुआत हो सके।


 


 


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