कोरोना से देशव्यापी चिंता से मिर्जापुर का मुस्लिम समाज का कदम काबिले-तारीफ़



  • कोरोना से महफूज़ करने की दुआ की जाएगी ईद की नमाज़ में

  • शिया समुदाय के इमाम लॉकडाउन के चलते नहीं आ सकेंगे


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : हजारों-हजार मुस्लिम परिवारों में ईद की नमाज़ में कोरोना से बचाने की अल्लाह से दुआ की जाएगी । सुन्नी समुदाय लॉकडाउन के मद्देनजर ईदगाह पर बड़ी नमाज़ के बाद मस्जिदों में नमाज पढ़ने की प्लानिंग को अंतिम रूप देने में रविवार को लगा दिखा जबकि शिया समुदाय की ओर से नमाज़ पढ़ाने वाराणसी से इमाम नहीं आ सकेंगे । लॉकडाउन की वजह से सब दृश्य बदला बदला सा है।


बड़ी नमाज़ 7 बजे सुबह इमामबाड़ा ईदगाह पर पढ़ी जाएगी -


यहां सोमवार को प्रातः 7 बजे शहर-इमाम मौलाना निसार अहमद की अगुवाई में 5 मौलाना नमाज़ के वक्त रहेंगे। कौन कौन रहेगा, यह 25 मई को सुबह ऐन-वक्त पर तय होगा। वैसे तो पिछले सालों में नमाज़ के वक्त इमामबाड़ा पर बीसियों हजार मुस्लिम सफेद कुर्ता और पैजामा तथा सिर पर टोपी के साथ एकत्र होते थे। जलसा जैसा दृढय होता था लेकिन इस बार वह दृश्य नहीं दिखेगा। जहां नमाज़ और ख़ुतबा पढ़ने में तकरीबन घण्टा भर लग जाता था, वहीं इस बार आधे घण्टे में नमाज़ पढ़ने की व्यवस्था की जा रही है ताकि इसके बाद अन्य मस्जिदों में सीमित ढंग से और मुस्लिम समाज के घर-घर में लोग नमाज पढ़ सकें।

या अल्लाह हमें नेकी में लगा के साथ 'या अल्लाह कोरोना से बचा' की होगी दुआखानी


इस बार ख़ुतबा (उपदेश) के वक्त हाहाकार मचाए कोरोना से छुटकारे के लिए अल्लाह-ताला से दुआखानी की जाएगी।

शिया समुदाय की नमाज़ -


इस समुदाय की नमाज़ वासलीगंज मुहल्ले में मौलाना सादिक रज़ा के यहां पढ़ी जाएगी। अरसे से पूर्व DGC मरहूम अकील साहब के दौलतखाने में शिया समुदाय की नमाज़ पढ़ी जाती थी । उनके इंतकाल के बाद शिया कमेटी के मेम्बर मौलाना मुहीब रज़ा के साहबज़ादे मौलाना सादिक रज़ा के यहां अपने स्तर से नमाज़ पढ़ी जाएगी । वाराणसी से इस बार मौलाना नहीं आएंगे ।


Comments