कोरोना के दुष्प्रभावों के शमनार्थ शुरु हुआ अनेक घरों में गायत्री-पूजन एवं हवन


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : गायत्री महामंत्र के प्रभावों को पूरा विश्व मानने लगा है । मेडिकल से लेकर प्रैद्यागिकी वैज्ञानिक तक पूरे शोधपरक अध्ययन के बाद हृदय से स्वीकारने लगे हैं कि गायत्रीमंत्र आंतरिक उच्चता के साथ वाह्य शुचिता में अद्भत क्षमता रखता है ।


मध्यप्रदेश में प्रशासनिक अधिकारी कर रहे यज्ञ - रायपुर के जिलाधिकारी इन दिनों कोरोना के दुष्प्रभावों को विनष्ट करने के लिए खुद हर शनिवार गायत्री यज्ञ में शरीक होते हैं। इस मंत्र के प्रभाव को लगभग 35 वर्ष पूर्व भोपाल गैस त्रासदी के वक्त देखा गया था कि पूरा शहर लीक गैस की चपेट में था लेकिन गायत्री-यज्ञ स्थल पूरी तरह गैस के दुष्प्रभाव से अछूता रहा।



जिले में शुरू हुआ प्रतिदिन गायत्री हवन - शहर के अनेक प्रबुद्ध लोगों ने कोरोना का मुकाबला गायत्री-हवन से करने का निर्णय लिया । शांतिकुंज, हरिद्वार के जिले के प्रभारी श्री लक्ष्मीकांत मिश्र के आवास पर तो प्रतिदिन हवन होता है लेकिन महामारी के शमनार्थ प्रतिदिन विशेष हवन खुद ही नहीं बल्कि हर सदस्यों के घर कराने का निर्णय लिया गया है । इसी क्रम में शुक्रवार को विधिवत हवन किया गया।  उनकी धर्मपत्नी श्रीमती इंदुमती मिश्र ने बताया कि हरिद्वार की ओर से 31 मई को पूरे विश्व में गायत्री परिवार के सदस्य इस महामंत्र से हवन करेंगे ।


इसी क्रम में युवा सामाजिक कार्यकर्ता अतुल मालवीय के घर शनि-जयंती के दिन से हवन शुरू किया गया जबकि नारघाट के पास सेकसरिया मिल कालोनी में बेसिक शिक्षा परिषद की शिक्षिका (घमहापुर, विन्घ्याचल) श्रीमती कनक वर्मा के भी आवास पर प्रतिदिन हवन शुरू किया गया। श्रीमती वर्मा भी गायत्री परिवार से जुड़ी हैं । इसमें कृतिका वर्मा, शशिबाला, कृतार्थ वर्मा, श्यामकुमारी एवं अरविंद कुमार भी शामिल रहे ।


यदि शहर के तमाम घरों में हवन शुरू हो गया तो इसका सार्थक असर पड़ेगा, ऐसा मानना है मेडिकल चिकित्सकों का भी ।


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