काशी के 15 वर्षीय विवेक विश्वकर्मा ने कबाड़ से टचलेस सैनिटाइजर मशीन बनाकर किया कमाल


खेलने कूदने के उम्र में बना डाला सैनिटाइजर मशीन


रिपोर्ट : लक्ष्मीकांत दीक्षित


वाराणसी, (उ0प्र0) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक 15 वर्षीय छात्र विवेक विश्वकर्मा का कारनामा चर्चा में बना हुआ हैं, विवेक ने घर पर पड़े घरेलु सामान और कबाड़ से टचलेस सेंसर हैण्ड सैनिटाइजर मशीन बनाकर अनोखा कमाल कर दिया. मात्र 250 रुपये की लागत से तैयार हुआ टचलेस सैनिटाइजर मशीन एक तरफ जहाँ कोरोना महामारी का फैलाव तेज़ी से बढ़ता जा रहा हैं, लोग इससे बचने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, वही वाराणसी जिले का 15 वर्षीय छात्र विवेक विश्वकर्मा ने घर पर पड़े कबाड़ और घरेलू सामानों को जुटा कर एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। इस लड़के ने टचलेस सेंसर हैण्ड सैनिटाइजर मशीन का निर्माण बस कुछ दिनों में कर दिखाया, इस मशीन को एक बार ऑन कर देने के बाद इसे छूने की आवश्यकता नही पड़ती और यह हजारो बार हाथो को सेनेटाइज करने के लिए तैयार रहता है। मात्र 250 रूपए की लागत से बनकर तैयार हुआ, टचलेस हैण्ड सैनिटाइजर मशीन।


कोरोना का संकट आज पूरे विश्व पर छाया हुआ है, लोग डरे हुए हैं, लेकिन इस बीच कुछ लोग रचनात्मक काम भी कर रहे हैं. विवेक ने बताया की प्रधानमंत्री मोदी का कहना हैं, की कोरोना वायरस को हराना हैं, तो सोशल डिस्टेंस बनाए रखना जरुरी हैं। किसी को भी चुना नही हैं, इन्ही सब से प्रेरणा लेकर मेरे मन में ये आईडिया आया और मैंने टचलेस सैनिटाइजर मशीन बना दिया। बताते चले 15 वर्षीय विवेक विश्वकर्मा कक्षा 9 का छात्र हैं, विवेक के पिता कैलाश विश्वकर्मा पान की दुकान चलाते हैं. वाराणसी के चौकाघाट का रहने वाला विवेक का शुरू से ही मशीनों से लगाव था, वो घर पर पड़े मशीनों को खोलता-बनाता रहता था। विवेक की गरीबी कभी उसके हुनर को डिगा नही पाई, वह अपने हुनर द्वारा रचनात्मक कार्य में लगा रहता था।गरीबी के बीच जीवन-यापन करने वाले विवेक की सोच शुरू से रचनात्मक थी। एक तरफ जहाँ कोरोना महामारी से पूरा देश लड़ रहा हैं, वही विवेक द्वारा बनाई गई मशीन समाज के लोगो को महामारी से लड़ने में कारगर साबित होगी। टचलेस सैनिटाइजर मशीन की इस बेहतर तकनीक से लोगो को मदद मिलेगी।


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