डेगू से भी रहे सावधान - मलेरिया अधिकारी 


रिपोर्ट : टी.सी.विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोविड-19 की महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने विश्व डेगू मरीज सीएमओ कार्यालय स्थित विवेकानन्द सभागार में सभी स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में मनाया गया।


मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ओ0पी0तिवारी ने बताया कि हर वर्ष की भांति 16 मई को इस वर्ष भी डेगू दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। डेगू से बचाव हेतु जन जागरूकता फैलाने के लिए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी व स्वास्थ्य कर्मियों ने संकल्प लिया। बताया कि डेंगू बीमारी एक मच्छर जनित बीमारी है। यह एडीज एजिप्टी मच्छर काटने से ही फैलता है। यह मच्छर हमेशा दिन में ही काटता है और इस बीमारी का अभी कोई भी वैक्सीन या दवा न उपलब्ध होने के कारण केवल इस बीमारी से बचने के लिए एक मात्र साधन सावधानी ही है। बताया कि वर्ष 2018-19 में जिले में डेगू के 4 मरीज मिले, वर्ष 2019-20 में डेगू के 23 मरीज मिले लेकिन विभाग के रात दिन मेहनत के कारण ही 1 अप्रैल 2020 से अब कोई डेगू के मरीज जिले में नही मिल है।


जिला मलेरिया अधिकारी डा0 प्रमोद कुमार शुक्ल का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति में डेगू के लक्षण पाये जाते है तो उसे तुरन्त मंडलीय चिकित्सालय में सम्पर्क करना चाहिए। डेगू का ईलाज मुफत किया जा रहा है। डेगू के ईलाज में किसी भी नीम हकीम या अपने मन से इलाज करने से बचने का कार्य करना चाहिए।


डेगू के लक्षण :-



  • तेज बुखार बदन सर जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द

  • शरीर का त्वचा पर चकत्ते या लाल दाने उत्पन्न होते है।

  • आंखो के पीछे दर्द तथा आंखों को घुननाने पर तेज दर्द होता है।

  • गम्भीर मामलों में आंखो नाक मंह मसूड़ों व मल-मूत्र के स्थान से खून आता है।

  • जी मिचालाना उल्टी दस्त तथा पेट में दर्द।

  • प्लेटलेट्स की संख्या का कम होना


डेगू से बचाव :-



  • घरों में संचित पानी को साप्ताहिक अन्तराल पर बदलते रहें।

  • कूलर का पानी बदलने के बाद टंकी को स्क्रब से रगड़ कर साफ करें ताकि उस पर चिपके अण्डे व लार्वा मर जाएं।

  • शरीर को अधिकतम ढंकने वाले कपाड़ें पहनें।

  • पीने के पानी के बर्तनों को ढंक कर रखें।

  • नीम की पत्ती का धुंआ करें।

  • जल-जमाव वाले स्थानों/गड्ढों का पाट दें।

  • मरीज को पूर्ण रूप से आराम दें चिकित्सक के परामर्श से पैरासीटामाल का सेवान करें।


डेगू होने पर क्या न करें :-



  • घर के आस पास एवं घर के अन्दर पानी एकत्र न होने दें

  • गन्दगी न फैलने, कूड़ा-करकट एकत्र न होने दें

  • बुखार के रोगी की देखभाल के लिए कमरे की खिड़की एवं दरवाजों को बिना जाली के न रखें।

  • डेगू का मच्छर दिन में ही काटता है इसलिए नंगे बदन न रहे।

  • नीम हकीम से इलाज न करायें।


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